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कोई कह रहा उँगली तोड़ने की बात तो कोई कह रहा पब्लिक करेगी डॉक्टरों पर हमला: धमकी पर उतरे TMC नेता, आलोचना करने पर वाली छात्रा गिरफ्तार

इसी तरह TMC नेता उदयन गुहा ने कहा था कि ममता बनर्जी की तरफ जो लोग उँगलियाँ उठा रहे हैं, उनकी उँगलियाँ तोड़ दी जाएँगी।

पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित RG Kar मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार एवं हत्या के मामले में राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस ने अब इस घटना पर आवाज़ उठाने वालों पर ही निशाना साधना शुरू कर दिया है। अब TMC सांसद अरूप चक्रवर्ती ने प्रदर्शनकारियों को धमकाते हुए कहा है कि हड़ताल से नाराज़ होकर अगर लोग हमला कर देते हैं तो सरकार डॉक्टरों को नहीं बचाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के नाम पर आप तो अपने घर जा सकते हैं या कोई अपने बॉयफ्रेंड के साथ जा सकती है।

अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि अगर कोई मरीज हड़ताल की वजह से मरता है कि इन डॉक्टरों को जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा, फिर हम आपको नहीं बचाएँगे। उन्होंने बाँकुरा में एक रैली के दौरान ये बयान दिया। रैली के बाद भी वो मीडिया के सामने अपने बयान को लेकर कायम रहे। उन्होंने कहा विरोध के नाम पर ये डॉक्टर बाहर जा रहे हैं। 14 अगस्त को घटनास्थल पर गुंडों की एक भीड़ पहुँच गई थी। प्रदर्शनकारियों को पीटा गया है, साथ ही अस्पताल में तोड़फोड़ मचाई गई थी।

इसी तरह TMC नेता उदयन गुहा ने कहा था कि ममता बनर्जी की तरफ जो लोग उँगलियाँ उठा रहे हैं, उनकी उँगलियाँ तोड़ दी जाएँगी। उधर पश्चिम बंगाल पुलिस इस घटना को लेकर आवाज़ उठाने वालों को ही गिरफ्तार कर रही है। एक बीकॉम के द्वितीय वर्ष की छात्रा को ममता बनर्जी को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया गया है। कीर्ति शर्मा नामक छात्रा ‘kirtisocial’ यूजरनेम से इंस्टाग्राम अकाउंट चलाती थी। कोलकाता पुलिस ने उस पर मृतका का नाम और तस्वीर उजागर करने का आरोप भी लगाया है।

कीर्ति शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में ममता बनर्जी की तुलना देश में आपातकाल लगाने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी से की थी। पुलिस का कहना है कि ये टिप्पणियाँ आपत्तिजनक थीं और इनसे समाजिक सामंजस्य बिगड़ने की आशंका है। कोलकाता पुलिस ने सुखेंदु शेखर रे को नोटिस भेज दिया था। साथ ही भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी को भी समन भेजा गया है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिन्हें-जिन्हें भी नोटिस मिला है वो उन्हें ईमेल के माध्यम से सूचित करें, उन सबको कानूनी मदद मुहैया कराई जाएगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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