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‘सचिन पायलट अब BJP में’ – कॉन्ग्रेस नेता पीएल पूनिया ने अपने बयान को कहा मानवीय भूल

विधायक दल की बैठक और पीएल पूनिया के बयान के बीच पूर्व कॉन्ग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने ट्विटर पर अपनी दिल की बात लिख डाली। उन्होंने सचिन पायलट को अपना समर्थन देते हुए लिखा, "मैं पूर्ण रूप से सचिन पायलट के पीछे हूँ।"

राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बीच कॉन्ग्रेस नेता पीएल पूनिया ने बड़ा बयान दिया। पीएल पूनिया ने अपने बयान में सचिन पायलट को अब भाजपा में शामिल बताया है।

हालाँकि इसके तुरंत बाद उन्होंने एक वीडियो ट्वीट कर इसे मानवीय भूल बताया।

छत्तीसगढ़ के कॉन्ग्रेस प्रभारी पीएल पूनिया ने कहा है कि सचिन पायलट अब बीजेपी में हैं। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रति भाजपा का रवैया कैसा है। हमें भाजपा से प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। कॉन्ग्रेस पार्टी में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है।”

गौरतलब हो कि पीएल पूनिया का ये बयान ऐसे वक्त में आया है, जब राजस्थान में सचिन पायलट के बगावती तेवर देखने को मिल रहे हैं और सरकार पर खतरा मंडरा रहा है। सचिन पायलट के ऑफिस से दावा किया गया है कि उनके साथ 30 विधायक हैं और इसी कारण गहलोत सरकार अल्पमत में आ गई है।

रिपोर्ट्स बताती है कि इस उठापटक के बीच कॉन्ग्रेस पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि सभी विधायकों को मुख्यमंत्री के घर बुलाया गया है और साथ ही ये भी कहा गया है कि जो विधायक नहीं आएगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी। बता दें अब इसी आदेश के मद्देनजर विधायक दल की बैठक में पार्टी के करीब 90 विधायक पहुँचे हैं।

हालाँकि, विधायक दल की बैठक और पीएल पूनिया के बयान के बीच पूर्व कॉन्ग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने ट्विटर पर अपनी दिल की बात लिख डाली है। उन्होंने सचिन पायलट को अपना समर्थन देते हुए लिखा, “मैं पूर्ण रूप से सचिन पायलट के पीछे हूँ।”

उन्होंने आगे लिखा, “एक बार तथ्यों को देखिए। साल 2013 के चुनाव में सीएम गहलोत के नेतृत्व में भाजपा को 163 मिली और कॉन्ग्रेस को 21 (सबसे कम)। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 73 सीटें आईं और कॉन्ग्रेस को 100। एक आदमी ने इसके लिए 5 साल दिए- सचिन।मगर सीएम कौन बना? “

यहाँ बता दें कि करीब पौने दो साल पहले राजस्थान में सत्ता में आई कॉन्ग्रेस 24 दिन पहले राज्यसभा चुनाव के बाद पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रही थी। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी आलाकमान आश्वस्त थे कि उनकी सरकार के पास पूरा बहुमत है और पाँच साल कोई मुश्किल होने वाली नहीं है, लेकिन गहलोत सरकार अब संकट से घिरती नजर आ रही है।

पायलट के नाराज होने की वजह विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का नोटिस बताया जा रहा है। एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य मंत्रियों को भी नोटिस भेजा है। हालाँकि, सीएम ने कहा है कि यह सामान्य प्रक्रिया है। नोटिस के बाद पायलट समर्थक विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दी हैं और अब अशोक गहलोत के साथ काम करना असंभव है।

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