Sunday, April 21, 2024
Homeराजनीतिपायलट पावर से हिली राजस्थान सरकार: 30 MLA के साथ होने का दावा, विधायक...

पायलट पावर से हिली राजस्थान सरकार: 30 MLA के साथ होने का दावा, विधायक दल की बैठक में नहीं जाएँगे

सूत्रों से जानकारी मिली है कि पायलट कल यानी सोमवार (जुलाई 13, 2020) की सुबह होने वाली कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। पायलट के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि 30 से ज्यादा कॉन्ग्रेस विधायक और कुछ निर्दलीय विधायक पायलट के समर्थन में हैं।

राजस्थान में अशोक गहलोत की अगुवाई वाली कॉन्ग्रेस सरकार का संकट गहरा गया है। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने साथ 30 विधायकों के होने का दावा किया है। सूत्रों के अनुसार सोमवार को कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक में भी वे शामिल नहीं होंगे।

मुख्यमंत्री गहलोत ने आज (जुलाई 12, 2020) रात पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की बैठक बुलाई थी। इसमें 75 विधायकों के उपस्थित होने का दावा किया जा रहा है। कॉन्ग्रेस विधायक राजेंद्र गुड्डा ने कुछ बीजेपी विधायक के भी साथ होने की बात कही है।

पार्टी सूत्रों से जानकारी मिली है कि पायलट कल यानी सोमवार (जुलाई 13, 2020) की सुबह होने वाली कॉन्ग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे। पायलट के नजदीकी सूत्रों का कहना है कि 30 से ज्यादा कॉन्ग्रेस विधायक और कुछ निर्दलीय विधायक पायलट के समर्थन में हैं। यदि उनका दावा सही है तो कॉन्ग्रेस सरकार अल्पमत में आ चुकी है।

बैठक सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री गहलोत के आवास पर होगी। सभी विधायकों को जयपुर पहुँचने को कहा गया है। इस बैठक में वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन और अविनाश पांडे भी शामिल होंगे। ये यहाँ पर विधायकों से बातचीत करेंगे।

राजस्थान में सत्ताधारी कॉन्ग्रेस सरकार के लिए संकट के बादल गहराते जा रहे हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एसओजी (विशेष संचालन समूह) की ओर से पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट विधायकों के साथ दिल्ली पहुँचे हैं।

पायलट के नाराज होने की वजह विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का नोटिस बताया जा रहा है। एसओजी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत अन्य मंत्रियों को भी नोटिस भेजा है। हालाँकि, सीएम ने कहा है कि यह सामान्य प्रक्रिया है। नोटिस के बाद पायलट समर्थक विधायक नाराज हैं। उनका कहना है कि सरकार ने सभी हदें पार कर दी हैं और अब अशोक गहलोत के साथ काम करना असंभव है।

गौरतलब है कि करीब पौने दो साल पहले राजस्थान में सत्ता में आई कॉन्ग्रेस 23 दिन पहले राज्यसभा चुनाव के बाद पूरी तरह सुरक्षित नजर आ रही थी। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी आलाकमान आश्वस्त थे कि उनकी सरकार के पास पूरा बहुमत है और पाँच साल कोई मुश्किल होने वाली नहीं है, लेकिन गहलोत सरकार अब संकट से घिरती नजर आ रही है।

गहलोत और पार्टी आलाकमान की मुश्किलें उपमुख्यमंत्री व प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट व उनके समर्थकों ने बढ़ा दी हैं। रविवार को दिनभर जयपुर से लेकर दिल्ली तक कॉन्ग्रेस की गतिविधियाँ तेज रहीं। गहलोत की दिन में कई बार राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता अहमद पटेल व राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे से बात हुई। गहलोत से बात होने के बाद पांडे ने पायलट से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

बता दें कि अशोक गहलोत सुबह से ही अपने आवास पर कॉन्ग्रेस के विधायकों और मंत्रियों से मिल रहे हैं। सभी मंत्रियों और विधायकों को कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र को छोड़कर जयपुर पहुँचे। इससे पहले कपिल सिब्बल ने अपनी ही पार्टी पर तंज कसते हुए कहा था कि क्या कॉन्ग्रेस तभी जागेगी, जब उसके अस्तबल से घोड़े चले जाएँगे?

वहीं पायलट अपने पुराने साथी ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिले थे। जिसके बाद सिंधिया ने राजस्थान की सियासी हालात को निराशाजनक बताते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस में काबिलियत की कद्र नहीं है। बताया जा रहा है कि पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सचिन पायलट को मिलने के लिए बुलाया था लेकिन वो नहीं पहुँचे। अब दोनों की फोन पर बातचीत हो रही है। राहुल गाँधी के दफ्तर के अधिकारियों का कहना है कि दोनों नेताओं की फोन पर ही बातचीत हो रही है।

इससे पहले अशोक गहलोत खेमे के अधिकारियों ने सचिन पायलट के बीजेपी के साथ संपर्क में होने का भी आरोप लगाया था। हालाँकि फिलहाल अभी तक कुछ साफ नहीं हो पाया है। इस मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि तमाम घटनाक्रम, इस बात का सबूत हैं कि कॉन्ग्रेस के भीतर अंतर्कलह चरम पर है। मुख्यमंत्री खुद गृहमंत्री हैं और विभाग के मुखिया को एक साधारण  डिप्टी एसपी द्वारा नोटिस दिया जाना ताज्जुब की बात है।

इससे पहले पायलट ने शनिवार देर रात दिल्ली में अहमद पटेल से मुलाकात की थी। पायलट ने अहमद पटेल से मुलाकात के बाद रविवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी व राहुल गाँधी को साफ संदेश पहुँचा दिया था कि गहलोत उन्हें साइडलाइन करने में जुटे हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘जब राष्ट्र में जगता है स्वाभिमान, तब उसे रोकना असंभव’: महावीर जयंती पर गूँजा ‘जैन समाज मोदी का परिवार’, मुनियों ने दिया ‘विजयी भव’...

"हम कभी दूसरे देशों को जीतने के लिए आक्रमण करने नहीं आए, हमने स्वयं में सुधार करके अपनी ​कमियों पर विजय पाई है। इसलिए मुश्किल से मुश्किल दौर आए और हर दौर में कोई न कोई ऋषि हमारे मार्गदर्शन के लिए प्रकट हुआ है।"

कलकत्ता हाई कोर्ट न होता तो ममता बनर्जी के बंगाल में रामनवमी की शोभा यात्रा भी न निकलती: इसी राज्य में ईद पर TMC...

हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रैफिक के नाम पर शोभा यात्रा पर रोक लगाना सही नहीं, इसलिए शाम को 6 बजे से इस शोभा यात्रा को निकालने की अनुमति दी जाती है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe