Wednesday, September 28, 2022
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ईद का जश्न मनाने के लिए दी विशेष छूट: उद्धव के तुष्टिकरण की शिवसेना के मुखपत्र सामना ने ही खोली पोल

इस समय देश में कोरोना के एक तिहाई मामले महाराष्ट्र में ही सक्रिय हैं। ऐसे में शिवसेना के मुखपत्र सामना का समुदाय विशेष के लोगों पर अलग से इनायत बख्शने और कोरोना का खतरा होने के बावजूद उन्हें छूट देने की बात मानना, बड़ा कबूलनामा है।

जब से उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने हैं, शिवसेना पर तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। अब उसके मुखपत्र सामना में प्रकाशित एक लेख से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस लेख के मुताबिक महाराष्ट्र के मुंब्रा में समुदाय विशेष के लोगों को लॉ़कडाउन के बावजूद ईद मनाने के लिए विशेष रियायत दी गई।

लेख में कहा गया कि ईद-उल-फितर के मद्देनजर अल्पसंख्यक समुदाय को छूट दी गई थी। लेकिन अब ईद का जश्न खत्म हो चुका है, इसलिए सरकार दोबारा से लॉकडाउन के नियमों में सख्ती कर रही है। अब चिकन-मटन की दुकानें बंद रहेंगी और केवल मेडिकल स्टोर और दूध की दुकानों को खोलने की अनुमति होगी।

लेख में लिखा गया कि रमजान के मद्देनजर किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के लिए मुंब्रा निवासियों की अपील पर दी गई रियायत अब ईद के बाद जल्द खत्म होने वाली है। ठाणे नगर निगम ने कड़े लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। ये सख्ती 27 मई से लागू होगी।।इस दौरान दूध की दुकानें और दवाई की दुकानें को छोड़कर सभी दुकानें जैसे मछली, चिकन, और मीट की दुकानें पूरी तरह बंद होंगी।

इस समय देश में कोरोना के एक तिहाई मामले महाराष्ट्र में ही सक्रिय हैं। ऐसे में शिवसेना के मुखपत्र सामना का समुदाय विशेष के लोगों पर अलग से इनायत बख्शने और कोरोना का खतरा होने के बावजूद उन्हें छूट देने की बात मानना, बड़ा कबूलनामा है।

ठाणे नगर निगम द्वारा जारी सर्कुलर में कोरोना मामलों में वृद्धि की चेतावनी देते हुए लिखा गया कि सख्त लॉकडाउन घोषणा के बाद, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों ने दुकानों और सब्जी मंडियों में भीड़ देखी है। इसलिए अब यहाँ मेडिकल और दूध की दुकानों को छोड़कर किसी भी दुकानों को खुले रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

बता दें, पिछले दिनों मुंब्रा में कोरोना संक्रमितों की संख्या में अचानक इजाफा देखा गया था। अब तक देश की आर्थिक राजधानी से कोरोना के 298 केस सामने आ चुके हैं। स्वयं नेशनलिस्ट कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता जितेंद्र आव्हाड भी पिछले महीने कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

पूरे महाराष्ट्र में अब तक कोरोना के 54हजार मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 60 प्रतिशत मामले केवल मुंबई से हैं। यहाँ पर मृत्यु का आँकड़ा भी 1000 के पार पहुँच गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य में भले ही पिछले दो दिन में ये कोरोना केसों में गिरावट देखने को मिली है। लेकिन पिछले लगातार दो हफ्तों में यह आँकड़ा 1000 से भी अधिक रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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