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‘अल्लाह के कहने पर लड़कियाँ पहनती हैं हिजाब’ : कर्नाटक बुर्का विवाद पर बोले ओवैसी, सिंदूर-मंगलसूत्र से की तुलना

ओवैसी ने कहा कि वो हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट से अपेक्षा कर रहे थे कि वो एकमत होकर फैसला दें। जस्टिस धुलिया ने कहा कि चॉइस बहुत बड़ी चीज होती है और इसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 14 और 19 का जिक्र करते हुए अपना फैसला दिया है।

कर्नाटक हिजाब विवाद के ऊपर सुप्रीम कोर्ट में जजों द्वारा बँटा फैसला दिए जाने के बाद AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा है कि उनके हिसाब से हाईकोर्ट का निर्णय कानूनी दृष्टि से गलत था। उसमें कानून में कही बातों और उसके अनुवादों का दुरुपयोग हुआ। ओवैसी के अनुसार कर्नाटक की लड़कियाँ हिजाब इसलिए पहन रही हैं क्योंकि अल्लाह ने उन्हें ऐसा करने को कहा है।

ओवैसी ने कहा कि वो हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट से अपेक्षा कर रहे थे कि वो एकमत होकर फैसला दें। जस्टिस धुलिया ने कहा कि चॉइस बहुत बड़ी चीज होती है और इसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 14 और 19 का जिक्र करते हुए अपना फैसला दिया है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि इसे भाजपा ने बेवजह मुद्दा बनाया। यह तो लड़कियों की इच्छा का मामला है। ओवैसी ने एक टीवी चैनल पर हिजाब को सही ठहराने के लिए उसकी तुलना पगड़ी, सिंदूर और मंगलसूत्र से भी की। उन्होंने कहा, “यदि आप यूनिफॉर्म में एक सिख लड़के को पगड़ी की इजाजत देते हैं और हिंदू लड़की को सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र की छूट देते हैं, लेकिन मुस्लिम लड़कियों को हिजाब की परमिशन नहीं मिलती है तो यह भेदभाव है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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