Homeदेश-समाजवो दूसरी जली हुई लाश शायद आत्महत्या की है, मानसिक रूप से बीमार भी...

वो दूसरी जली हुई लाश शायद आत्महत्या की है, मानसिक रूप से बीमार भी थी: तेलंगाना पुलिस

सोशल मीडिया पर लाश की तस्वीर और उसके पाए जाने का एक विडियो भी घूम रहा है लेकिन वह इतना नृशंस है कि हम उसे दिखा नहीं सकते।

तेलंगाना में पशु चिकित्सक डॉ. प्रीति (बदला हुआ नाम) रेड्डी के सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद उसी शमशाबाद इलाके में मिली दूसरी महिला की जली हुई लाश को लेकर पुलिस आत्महत्या के एंगल की भी जाँच कर रही है। इंडिया टुडे में प्रकाशित रिपोर्ट में पुलिस के सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। यह लाश कल (शुक्रवार, 30 नवंबर, 2019 को) जली मिली थी।

पुलिस के सूत्रों के अनुसार लगभग 35-वर्षीया महिला की लाश की प्रारम्भिक जाँच में पुलिस को संदेह है कि उसने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसकी लाश सिद्दुलागट्टा रोड पर एक सुनसान जगह पर पड़ी मिली थी। पुलिस ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी।

गौरतलब है कि कल पहले से ही डॉ. प्रीति (बदला हुआ नाम) रेड्डी के सामूहिक बलात्कार और हत्या का मामला प्रकाश में आने के बाद से ही लोग भड़के हुए थे। ऐसे में इस महिला के वैसे ही जले हुए शव के उसी इलाके में मिलने की खबर से लोगों का गुस्सा उबल पड़ा था और उससे जुड़ा हैशटैग सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा।
पुलिस ने कल कहा था कि अभी जाँच की जा रही है। हालाँकि दोनों ही लाशों का स्थिति में समानता पाए जाने पर लोग शक ज़ाहिर करने लगे कि यह काम किसी एक ही व्यक्ति या गैंग का हो सकता है। फिर भी इस पर पुलिस ने कल रात तक उस  गुंजाइश पर कुछ नहीं कहा है। सुबह तक इस पर और भी बातें निकल कर सामने आ सकती हैं।

सोशल मीडिया पर लाश की तस्वीर और उसके पाए जाने का एक विडियो भी घूम रहा है लेकिन वह इतना नृशंस है कि हम उसे दिखा नहीं सकते। लेकिन उसी समय से पुलिस यह भी कह रही थी कि लड़की ने आग से जल कर आत्महत्या की कोशिश की हो, इस एंगल से भी इनकार नहीं किया जा सकता।  

आपको बता दें कि हैदराबाद के बाहरी इलाके शमसाबाद में 26 वर्षीय महिला डॉक्टर प्रीति (बदला हुआ नाम) रेड्डी की जली हुई लाश मिली। पुलिस ने जाँच की और अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रीति के पोस्टमॉर्टम में पता चला है कि उनके साथ बलात्कार ही नहीं हुआ बल्कि उन्हें गला दबाकर हत्या करने के पहले बुरी तरह टॉर्चर भी किया गया था। और इसके बाद उनकी लाश को जला दिया गया था। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपित का नाम मो. पाशा है जबकि बाकि तीन हैं – मरवीन, केशवा और रिवा (सभी नाम बदले हुए, क्योंकि इनमें से कोई एक नाबालिग होने की संभावना है)।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -