अमेरिका के न्याय विभाग ने शुक्रवार (19 दिसंबर 2025) को दुनिया के सबसे विवादित सेक्स स्कैंडल ‘जेफ्री एपस्टीन फाइल्स’ से जुड़े तीन लाख दस्तावेज सार्वजनिक किए। यह खुलासा कॉन्ग्रेस द्वारा पास किए गए कानून ‘एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट’ के तहत हुआ। इन दस्तावेजों में कोर्ट रिकार्ड, ईमेल, फोटो, वीडियोज और जाँच से जुड़ी सामग्री शामिल है।
इन फाइलों में जेफ्री एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल द्वारा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के कई सबूत सामने आए हैं। इसके अलावा कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों और नेताओं के नाम भी दस्तावेजों में आए। हालाँकि, बड़ी संख्या में कंटेंट रेडैक्ट की गई है ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रहे, जाँच प्रभावित न हो और आपत्तिजनक तस्वीरें सार्वजनिक न हों।
यह खुलासा अमेरिका और पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है। नई तस्वीरें और दस्तावेज दिखाते हैं कि कैसे एपस्टीन ने अपनी ताकत, पैसा और संपर्कों का इस्तेमाल कर नाबालिग लड़कियों का शोषण किया।
दस्तावेजों में क्या है?
न्याय विभाग ने 4 बड़े डेटा सेट में हजारों दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन फाइलों में कोर्ट रिकार्ड, ईमेल, ऑडियो रिकॉर्डिंग्स, फोटो और वीडियो शामिल हैं। फाइलें न्याय विभाग की वेबसाइट पर अपलोड की गईं लेकिन भारी ट्रैफिक के कारण साइट पर यूजर्स को इंतजार करना पड़ा।

कई पन्नों पर पीड़ितों की पहचान सार्वजनिक करने से बचने के लिए नाम और फोटो ब्लैक बॉक्स से छिपाए गए हैं। 254 मसाज थेरेपिस्ट की सूची पूरी तरह से रेडैक्ट की गई है। कुछ तस्वीरों में अर्धनग्न अवस्था में या नग्न अवस्था में महिलाएँ दिखाई दे रही हैं, जिनकी पहचान सुरक्षित रखने के लिए ब्लैक बॉक्स लगाए गए हैं।

विशेष फोटो और फाइलों में बिल क्लिंटन को हॉट टब में, क्लिंटन और गिस्लेन मैक्सवेल को पूल में, राजकुमार एंड्रू को पाँच महिलाओं की गोद में लेटे हुए और एपस्टीन के घर की सुरक्षा कैमरा फुटेज, वॉइस रिकॉर्डर और VHS टेप जैसी चीजें शामिल हैं।
हाई प्रोफाइल लोगों का नाम आया सामने
दस्तावेजों में कई हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों का नाम आया। इनमें से सबसे चर्चा बिल क्लिंटन की तस्वीरों को लेकर है। क्लिंटन हॉट टब में और पूल में मैक्सवेल के साथ नजर आए। हालाँकि, उन्होंने कभी भी इन आरोपों में सीधे तौर पर गलती स्वीकार नहीं की।

मिक जैगर और माइकल जैक्सन भी एपस्टीन के सोशल सर्कल में दिखाई दिए। कोई भी प्रत्यक्ष अपराध का सबूत नहीं मिला लेकिन उनकी मौजूदगी सार्वजनिक हुई हैं। राजकुमार एंड्रू की तस्वीरें भी जारी की गईं, जिसमें वह पाँच महिलाओं की गोद में लेटे हुए नजर आए। एंड्रू ने इन आरोपों का हमेशा खंडन किया है।
JUST IN: A large portion of the Epstein files have been released, showing photos of Jeffrey Epstein with high-profile associates including former President Bill Clinton.
— Collin Rugg (@CollinRugg) December 19, 2025
In one photo, Clinton was seen in a hot tub with anonymous female.
In another photo, Clinton is seen with… pic.twitter.com/TVlKhI6hYG
डोनाल्ड ट्रंप के नाम एपस्टीन की नोटबुक में आए लेकिन किसी भी फाइल में उनके सीधे अपराध का सबूत नहीं है। ट्रंप ने पहले फाइल्स के रिलीज के खिलाफ विरोध किया लेकिन कॉन्ग्रेस के दबाव के बाद कानून पास होने पर दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं।
बॉडी मसाज के नाम पर बुलाई जाती थी नाबालिग लड़कियाँ, फिर होता था शोषण
इनसे पता चला कि 250 से अधिक नाबालिग लड़कियों का शोषण किया गया था। साथ ही, इन दस्तावेजों में 1,200 से अधिक पीड़ितों या उनके परिवारों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। कई लड़कियों का यौन शोषण एपस्टीन और मैक्सवेल ने 10 साल तक किया।
नई तस्वीरों में महिलाओं के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर व्लादिमीर नाबोकोव के उपन्यास ‘लोलिता’ के अंश लिखे मिले है। यह उसके नाबालिगों के प्रति असामान्य और खतरनाक रुचि को दर्शाता है। एपस्टीन ने लिटिल सेंट जेम्स द्वीप और प्राइवेट जेट ‘लोलिता एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल पीड़ितों को लाने और शोषण के लिए किया।

एक लड़की वर्जीनिया गिउफ्रे ने एपस्टीन के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए। गिउफ्रे ने कहा कि जब वह 16 साल की थी और डोनाल्ड ट्रंप के मार-ए-लागो क्लब में काम कर रही थी, तब उसकी मुलाकात मैक्सवेल से हुई। मैक्सवेल ने उसे मसाज थेरेपी का प्रस्ताव दिया और फिर उन्हें एपस्टीन के पास ले गई। इसके बाद, एपस्टीन ने उसे अपने विला में ले जाकर 3 साल तक यौन शोषण किया।
रेडैक्शन के बावजूद कई तस्वीरें और रिकॉर्ड्स अभी भी ब्लैक बार्स के पीछे हैं, जिससे पूरी तस्वीर साफ नहीं है। दस्तावेजों में कुछ फाइलें दिखाती हैं कि पीड़ित लड़कियों को ग्रुप सेक्स और जबरन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया।
एपस्टीन की सहयोगी और प्रेमिका मैक्सवेल को 2021 में दोषी ठहराया गया। उसे नाबालिग लड़कियों की भर्ती और शोषण में मदद करने का दोषी पाया गया और 20 साल की जेल की सजा मिली।
एपस्टीन पेशे से फाइनेंसर और व्यवसायी था लेकिन उसकी असली पहचान एक दोषी, सेक्स अपराधी और नाबालिग लड़कियों के शोषक के तौर पर है। उसके पास अमेरिकी वर्जिन आइलैंड्स के पास लिटिल सेंट जेम्स नाम का अपना द्वीप था, जिसे ‘एपस्टीन आइलैंड’ भी कहा जाता है। इस द्वीप पर केवल प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर या नाव से ही पहुँचा जा सकता था।
इस द्वीप पर एपस्टीन पार्टियों का आयोजन करता था, जिनमें दुनिया भर के पैसे वाले लोग, प्रभावशाली और प्रसिद्ध लोग शामिल होते थे। हालाँकि, पार्टियों में खाने-पीने और शराब के मजे लेते हुए लोग दिखते थे, लेकिन असल में वहाँ नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और ड्रग्स का इस्तेमाल किया जाता था। पीड़ित लड़कियों को एंटी-एजिंग दवाएँ दी जाती थीं और उन्हें बॉडी मसाज के बहाने बुलाया जाता था और ग्रुप सेक्स के लिए मजबूर किया जाता था।

यौन शोषण पूल, हॉट टब, गेस्ट हाउस और निजी कमरों में होता था। कर्मचारी बताते हैं कि ये पार्टियाँ कई दिनों तक चलती थीं और नाबालिग लड़कियों का शोषण लगातार होता था। एपस्टीन ने अपनी दौलत, शक्ति और प्रभाव का इस्तेमाल कर लड़कियों को फँसाया और उनके जीवन को तबाह कर दिया।
नेटवर्किंग का भी जरिया थी एपस्टीन की पार्टियाँ
एपस्टीन ने अपने द्वीप का इस्तेमाल केवल सेक्स स्कैंडल के लिए नहीं किया बल्कि इसे नेटवर्किंग और गोपनीय बैठकों के लिए भी इस्तेमाल किया। यहाँ उन लोगों के बीच छिपी बैठकों का आयोजन होता था, जो सार्वजनिक रूप से कभी आमने-सामने नहीं मिल सकते थे। डिनर, सामाजिक कार्यक्रम और फंडरेजिंग से जुड़ी चर्चाएँ भी यहाँ होती थीं।

एपस्टीन ने खुद को एक कनेक्टर के रूप में दिखाया है और इन बैठकों को अपने कैलेंडर में लिखा है। अरबपति बिल गेट्स ने भी स्वीकार किया कि उन्होंने दुनिया भर के धनी लोगों से जुड़ने के लिए एपस्टीन से मुलाकात की हालाँकि उन्होंने इसे अपनी गलती कहा।
कहा जाता है कि एपस्टीन ने अपने द्वीप पर व्यावसायिक बैठकों का आयोजन भी किया, जिनमें नेता, निवेशक, फाइनेंस एक्सपर्ट, वैज्ञानिक और अन्य लोग भी शामिल होते थे। इन बैठकों का उद्देश्य अमीर और प्रभावशाली लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना था।
हालाँकि, द्वीप पर कोई ठोस और स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है कि यहाँ किसी प्रकार के व्यापारिक सौदे या लेन-देन हुआ करते थे। इस तरह, एपस्टीन का द्वीप केवल सामाजिक और व्यावसायिक नेटवर्किंग का केंद्र भी था, जो उसकी शक्ति और प्रभाव का विस्तार करने में मदद करता था।
ट्रंप सरकार पर दस्तावेज सार्वजनिक करने को लेकर डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों का दबाव था। शुरुआत में ट्रंप इसके खिलाफ थे लेकिन जब इस संबंध में कानून पास हो गया तो सरकार को दस्तावेज जारी करने पड़े।
अब न्याय विभाग की जिम्मेदारी है कि वह कॉन्ग्रेस को एक पूरी रिपोर्ट देगा। इस रिपोर्ट में बताया जाएगा कि कौन-सी जानकारी जनता के सामने लाई गई, कौन-सी रोकी गई और उसे छिपाने की वजह क्या थी।


