Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'5 साल की उम्र से ट्रेनिंग, अम्मी-अब्बू ने कहा- गैर मुस्लिमों से नफरत करो':...

‘5 साल की उम्र से ट्रेनिंग, अम्मी-अब्बू ने कहा- गैर मुस्लिमों से नफरत करो’: पुलिस से पाकिस्तानी मूल के पूर्व आतंकी ने की शिकायत

"उन्होंने मुझे बताया कि इस्लाम के खिलाफ युद्ध चल रहा है और मुझे इस देश के खिलाफ जंग के लिए तैयार रहना होगा।"

ब्रिटेन में पैदा हुए पाकिस्तानी मूल के पूर्व आतंकवादी ने अपने अम्मी-अब्बू के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। इसमें उन पर बचपन से कट्टरपंथ की ट्रेनिंग देने का आरोप लगाया है। 29 वर्षीय पूर्व आतंकवादी ने खुलासा किया है कि अम्मी-अब्बू ने 5 साल की उम्र से ही उसे इस्लाम के लिए लड़ने और गैर मुस्लिमों से नफरत करने की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी। कट्टरपंथी सलाफी/सलफ़ी विचारधारा के तहत उसे ब्रिटेन के खिलाफ जंग के लिए तैयार किया गया।

उसने ये भी दावा किया कि अल कायदा से जुड़े अनवर अल-अवलाकी के स्टडी सेशन में भी भाग ले चुका है। अवलाकी यमन में ड्रोन हमले में मारा जा चुका है। पूर्व आतंकवादी ने अपने माता-पिता को लेकर कहा, “उन्होंने मुझे बताया कि इस्लाम के खिलाफ युद्ध चल रहा है और मुझे इस देश के खिलाफ जंग के लिए तैयार रहना होगा।” पूर्व इस्लामिक चरमपंथी ने खुलासा किया कि लंदन काउंसिल में बड़े होने के दौरान उसके भाई-बहन भी उसकी ही तरह कट्टरपंथी थे।

शोषण का आरोप

पूर्व आतंकी ने अपने माता-पिता पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह बीते पाँच साल से उनके उनके संपर्क में नहीं है। उसने मौजूदा हालात से तंग आने के बाद करीब दो सप्ताह पहले पुलिस में अपने अभिभावकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन दो हफ्तों के दौरान पुलिस ने उससे गहनता से पूछताछ की। उसने ये भी बताया कि उसके माता-पिता ने उसे ब्रिटेन, पश्चिमी देशों और गैर मुस्लिमों से नफरत करने की शिक्षा दी।

भेजा जाएगा ‘सेफ हाउस’

ब्रिटेन के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड के अधिकारियों ने पूछताछ के बाद पूर्व आतंकी को ‘सेफ हाउस’ में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। डेली मेल के मुताबिक, ब्रिटेन में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जब किसी ने अपने ही माता-पिता पर खुद को बचपन में इस्लामिक जिहादी बनाने का आरोप लगाया है। खास बात यह है कि ब्रिटेन में बच्चों को शोषण से बचाने का कानून तो है, लेकिन अपने बच्चों को कट्टरपंथी बनाने के मामले में माता-पिता के खिलाफ केस चलाने कोई कानून नहीं है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मुफ्त इलाज का ढकोसला और महँगे मेडिकल बिल: कहाँ खर्च हो रहा है आम आदमी का पैसा?

सरकार ने उन दवाओं को इस प्राइस कंट्रोल से बाहर रखा है जिन्हें कंपनियाँ 'पेशेंट असिस्टेंस प्रोग्राम' (PAPs) के तहत भारी छूट पर देती हैं।

आर्कबिशप पीटर मचाडो कौन हैं, जो चाहता है धर्मांतरण विरोधी कानून और गोहत्या कानून में बदलाव: कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से क्या...

आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
- विज्ञापन -