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पहली बार आरोपित की तरह ली गई किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति की तस्वीर, जेल से निकल ट्विटर पर लौटे डोनाल्ड ट्रंप: चुनाव धोखाधड़ी केस में सरेंडर

करीब 20 मिनट काउंटी जेल में रहने के बाद पूर्व राष्ट्रपति को 2 लाख डॉलर के बॉन्ड पर ​रिहा कर दिया गया। इससे पहले उनका मगशॉट लिया गया और पुलिस रिकॉर्ड में उनकी पहचान कैदी नंबर P01135809 के रूप में दर्ज की गई।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लौट आए हैं। वापसी से पहले उन्होंने चुनाव धोखाधड़ी केस में सरेंडर किया। करीब 20 मिनट तक जेल में बिताए। पुलिस ने उनका आरोपितों की तरह तस्वीर (मगशॉट) भी लिया है।

सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार (24 अगस्त 2023) को ट्रंप ने फुल्टन काउंटी जेल में सरेंडर किया। मामला जॉर्जिया चुनाव में धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है। उन पर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को पलटने की कोशिशों के आरोप हैं।

करीब 20 मिनट काउंटी जेल में रहने के बाद पूर्व राष्ट्रपति को 2 लाख डॉलर के बॉन्ड पर ​रिहा कर दिया गया। इससे पहले उनका मगशॉट लिया गया और पुलिस रिकॉर्ड में उनकी पहचान कैदी नंबर P01135809 के रूप में दर्ज की गई।

मगशॉट ट्रंप ने भी अपने एक्स हैंडल से भी शेयर किया है। अपनी गिरफ्तारी को उन्होंने अमेरिका के लिए दुखद दिन बताया है। उल्लेखनीय है कि 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारी हासिल करने की दौड़ में ट्रंप फिलहाल सबसे आगे बताए जाते हैं।

ट्रंप का ‘मगशॉट’ वायरल

टाइम्स नॉउ के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मामले में पहली बार अप्रैल में सरेंडर किया था। वे कुल चार बार अदालत के सामने सरेंडर कर चुके हैं। इस मामले में ट्रंप सहित 18 आरोपित हैं। यूएस मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फुल्टन काउंटी शेरिफ के ऑफिस ने इस बात की पुष्टि की है कि 77 साल के ट्रंप के लिए भी इस मामले में वही प्रक्रिया अपनाई गई, जैसे इस मामले में सरेंडर कर चुके अन्य आरोपितों के लिए अपनाई गई थी।

यही कारण है कि ट्रंप का मगशॉट लिया गया। मगशॉट आरोपित के चेहरे की तस्वीर होती है जो पुलिस रिकार्ड के लिए लिया जाता है। गिरफ्तारी के बाद दिए गए विवरणों में ट्रंप की लंबाई 6 फीट 3 इंच, वजन 97 किलो और उनके बालों का रंग को स्ट्राबैरी बताया गया है।

सरेंडर के बाद सशर्त जमानत

सरेंडर के बाद ट्रंप को सशर्त जमानत मिली है। इनमें गवाहों को न धमकाने, अन्य आरोपितों से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखने जैसी शर्तें शामिल हैं। रिहाई के बाद ट्रंप ने कहा कि उन्होंने उस चुनाव को चुनौती देने का पूरा हक है, जिसमें पारदर्शिता और ईमानदारी नहीं बरती गई हो। अपनी गिरफ्तारी को खुले तौर पर न्यायिक व्यवस्था का मजाक करार देते हुए कहा कि ऐसा उनको 2024 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोकने के लिए किया जा रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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