Saturday, July 24, 2021
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयशिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन:...

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

“यह एक इस्लामी आतंकवादी हमला है। देश के हर नागरिक को इस चरमपंथ के विरोध में एक साथ आगे आना होगा। इसे किसी भी हालत में रोकना ही होगा क्योंकि यह हमारे देश के लिए बड़ा ख़तरा साबित हो सकता है।"

इस्लामी कट्टरपंथी द्वारा शिक्षक का गला काटने की घटना के बाद फ्रांस ने इस तरह की समस्याओं का सामना करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। फ्रांस 231 विदेशी कट्टरपंथी नागरिकों को बाहर निकालने की तैयारी कर रहा है। फ्रांस सरकार की तरफ से होने वाली यह कार्रवाई कट्टरपंथ और आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में एक अहम कदम माना जा रहा है। 

रायटर्स में प्रकाशित ख़बर में इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी गई है। फ्रांस सरकार में मंत्री गेरल्ड डरमानिन (Gerald Darmanin) ने कहा, “निष्कासन की यह कार्रवाई 47 वर्षीय इतिहास शिक्षक सैमुएल पैटी की गला काटकर हत्या करने के बाद की जा रही है। जिन्होंने पढ़ाने के दौरान कक्षा में पैगंबर मोहम्मद के कार्टून दिखाए थे।”  

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्क्रों ने भी इस घटना पर रोष जताया था। उन्होंने कहा था, “यह एक इस्लामी आतंकवादी हमला है। देश के हर नागरिक को इस चरमपंथ के विरोध में एक साथ आगे आना होगा। इसे किसी भी हालत में रोकना ही होगा क्योंकि यह हमारे देश के लिए बड़ा ख़तरा साबित हो सकता है।” 

फ्रांस कट्टरपंथियों को कुछ इस तरह परिभाषित करता है, “इस तरह के लोग जो कट्टरता को बढ़ावा देने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं। जो देश के बाहर जाकर आतंकवादी समूहों में शामिल होते हैं और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।” फ़ाइल ऑफ़ अल्टर्सफ़ॉर द प्रिवेंशन ऑफ़ टेररिस्ट अटैक्स (एफ़एसपीआरटी) की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था। एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के तहत कुल 850 गैर क़ानूनी अप्रवासी पंजीकृत हैं। 

इस महीने की शुरुआत में फ्रांस के राष्ट्रपति ने फ्रांस के धर्म निरपेक्ष मूल्यों को कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों से सुरक्षित रखने की योजना का ऐलान किया था। इसके बाद उन्होंने कहा था कि इस्लाम एक ऐसा मज़हब है जो फ़िलहाल पूरी दुनिया में संकट का सामना कर रहा है। हाल ही में मैक्रों ने कहा था कि उनकी सरकार दिसंबर में एक विधेयक (बिल) लेकर आएगी जो साल 1905 के एक क़ानून को और मज़बूत करेगा। 

यह क़ानून चर्च और स्टेट को अलग करता है जिससे देश में धर्म के प्रति उदासीनता बनी रहे। उन्होंने अपने भाषण में यहाँ तक कहा कि आगामी कुछ समय में इस बात को सुनिश्चित किया जाएगा कि मज़हब, फ्रांस की शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर) से दूर रहे। मैक्रों के मुताबिक़ यह सभी निर्णय कट्टरपंथ और अलगाववाद को रोकने के लिए लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं फ्रांस के इमामों को फ्रांसीसी भाषा भी सीखनी होगी। उन्होंने कहा कि इस्लाम को विदेशी प्रभाव से मुक्ति पानी होगी।

मैक्रों ने कहा, “इस्लाम एक ऐसा मज़हब है जिस पर पूरी दुनिया में संकट है, ऐसा सिर्फ हम अपने देश में नहीं देख रहे हैं।” इसके बाद उन्होंने युवाओं की शिक्षा पर भी ज़ोर दिया जिससे उन्हें धर्मनिरपेक्ष आदर्शों वाला बनाया जा सके। इसकी शिक्षा बच्चों को शुरूआती स्तर से या उनके स्कूल के समय से ही देनी होगी। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि फ्रांस इस्लाम को विदेशियों के प्रभाव से भी आज़ाद करेगा, इसके लिए मस्जिदों को मिलने वाली फंडिंग में सुधार किया जाएगा।

राष्ट्रपति मैक्रों ने यह बातें उस घटना के ठीक कुछ दिन बाद कही हैं जिसमें एक आदमी ने धारदार हथियार से दो लोगों पर हमला कर दिया था। घटना ठीक उस जगह पर हुई थी जहाँ कट्टरपंथी इस्लामियों ने साल 2015 में शार्ली हेब्दो के कर्मचारियों का नरसंहार किया था। फ्रांस की सरकार ने इस हरकत को भी इस्लामी आतंकवाद का नतीजा बताया था। साल 2015 में इस्लामी कट्टरपंथियों ने शार्ली हेब्दो के कार्यालय पर आतंकवादी हमला किया था जिसमें कई मशहूर कार्टूनिस्ट समेत कुल 12 लोगों की मौत हो गई थी।         

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

PM मोदी की फेक फोटो से फैलाया झूठ, इंटरव्यू भी काट कर चलवाया… पूर्व IAS जवाहर सरकार को राज्यसभा भेजेगी TMC

TMC ने राज्यसभा के लिए जवाहर सरकार को नामांकित किया है। हाल ही में वह पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने के लिए नीता अंबानी के साथ उनकी फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर करके चर्चा में आए थे।

खुले मंच से हिंदुओं के लिए घृणा, PM मोदी और अमित शाह के लिए बहुत ही गंदी बात: पादरी जॉर्ज पोन्नैया गिरफ्तार

पादरी जॉर्ज पोन्नैया को धार्मिक समूहों के बीच नफरत फैलाने, पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार कर...

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
110,978FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe