Tuesday, July 23, 2024
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इंडोनेशिया में 14 छात्राओं को कर दिया गंजा, ठीक से हिजाब न पहनने पर स्कूल ने दी सज़ा

स्कूल का कहना है कि छात्राओं के लिए हिजाब अनिवार्य नहीं रखा गया है, लेकिन ड्रेस कोड में उन्हें बालों के ऊपर एक प्रताप की टोपी पहनने के लिए कहा गया है ताकि वो अच्छी दिखें।

इंडोनेशिया के एक स्कूल में 14 लड़कियों के बाल मूँड़ डाले गए। आरोप लगाया गया कि उन्होंने गलत तरीके से हिजाब पहना है। कॉलेज के प्रधानाध्यापक ने खुद सोमवार (28 अगस्त, 2023) को इसकी जानकारी दी। घटना इंडोनेशिया के मेन आइलैंड की ही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि इंडोनेशिया में वर्षों से मुस्लिम एवं गैर-मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए विवश किया जाता रहा है। 27 करोड़ की जनसंख्या वाले इस द्वीपसमूह मुल्क में दुनिया में सबसे ज़्यादा मुस्लिम रहते हैं।

लमोगन ने ईस्ट जावा शहर में स्थित सरकारी जूनियन हाईस्कूल में ये घटना हुई है। जिस शिक्षक ने ये किया, उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इंडोनेशिया में 2021 में ही स्कूलों को अनिवार्य ड्रेस कोड रखने से मना कर दिया गया था। हेडमास्टर हार्तो ने बताया कि ये घटना बुधवार की है। उन्होंने कहा कि स्कूल ने इस संबंध में माफ़ी माँग ली है और साथ ही उक्त शिक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इन लड़कियों ने हिजाब के भीतर टोपी नहीं पहनी थी, जिस कारण उनके बाल के कुछ हिस्से दिख रहे थे।

स्कूल का कहना है कि छात्राओं के लिए हिजाब अनिवार्य नहीं रखा गया है, लेकिन ड्रेस कोड में उन्हें बालों के ऊपर एक प्रताप की टोपी पहनने के लिए कहा गया है ताकि वो अच्छी दिखें। उन्होंने अभिभावकों से माफ़ी माँगी और कहा कि बातचीत के माध्यम से एक सर्वसम्मत फैसला लिया गया है। साथ ही स्कूल ने छात्राओं की मानसिक काउंसिलिंग कराए जाने का भी आश्वासन दिया है। सामाजिक समूहों ने शिक्षक को हटाने की माँग की थी। विशेषज्ञों ने इसे दुखद घटना करार दिया है।

इंडोनेशिया कई बार ठीक तरीके से हिजाब न पहनने पर छात्राओं पर कार्रवाई की जा चुकी है। इंडोनेशिया में मजहबी असहिष्णुता बढ़ने के कारण मुल्क को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। 2021 में एक ईसाई छात्रा को हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया गया था। अब 14 लड़कियों को गंजा करने का मामला सामने आया है। जिस स्कूल की ये घटना है, उसे ‘SMPN 1’ नाम से जाना जाता है। इंडोनेशिया 6 प्रमुख धर्मों/मजहबों को मान्यता देता है, लेकिन हाल के दिनों में इस्लामी कट्टरवाद बढ़ा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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