Sunday, April 5, 2026
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700+ जानवरों (हाथी, हिब्बो, जेब्रा…) को मारेगा नामीबिया, कुछ इस तरह नागरिकों का पेट भरेगा सूखे और भूख से बेहाल देश: खाने को लेकर लड़ रहे इंसान और जानवर

नामीबिया इस समय सूखे की वजह से भुखमरी के कगार पर खड़ा है। देश के लगभग 84% संसाधन खत्म हो गए हैं। ऐसे में वहाँ रहने वाले लगभग 14 लाख लोगों के खाने के लाले पड़ रहे हैं।

अफ्रीकी महाद्वीप के देश नामीबिया ने 723 जंगली जानवरों को मारने का एलान किया है। इन जानवरों में 83 हाथी भी शामिल हैं। इस कदम से नामीबिया अपने यहाँ भूख और सूखे से बेहाल लगभग 14 लाख नागरिकों को खाना देगा। नामीबिया के पर्यावरण मंत्री ने इस कदम की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि देश में बचे खाने के लिए जानवरों और इंसानों में संघर्ष न हो इसके लिए भी यह कदम एहतियातन उठाए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नामीबिया इस समय सूखे की वजह से भुखमरी के कगार पर खड़ा है। देश के लगभग 84% संसाधन खत्म हो गए हैं। ऐसे में वहाँ रहने वाले लगभग 14 लाख लोगों के खाने के लाले पड़ रहे हैं। सूखे की वजह से जंगली जानवर भी जीने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। इंसानों और जानवरों के बीच खाने की होड़ से दोनों तरफ का काफी नुकसान हो रहा है। नामीबिया के पर्यावरण मंत्री ने ऐसे हालातों में मानव जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता माना। उन्होंने बताया कि सरकार ने ऐसे हालातों से निबटने के लिए 723 जंगली जानवरों को मारने का निर्णय लिया है।

जून 2024 में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि सूखे से दक्षिण अफ्रीकी देशों के लगभग 3 करोड़ लोग बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावितों में नामीबिया को सबसे ऊपर रखा गया है। कत्ल के जिन जानवरों को चिह्नित किया गया है उसमें 300 जेब्रा, 30 हिप्पो, 50 इम्पाला, 60 भैंसे, 100 नीलगाय, 83 हाथी और 100 एलैंड शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये पशु अक्सर इंसानों की बस्ती की तरफ आ रहे थे। वध के बाद इन पशुओं के मांस को खाने के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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