Friday, July 12, 2024
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ब्राह्मणों को दिखाया अत्याचारी, सिख-गुजरात दंगों पर प्रोपेगंडा, बाबरी विध्वंस भी: जानिए पाकिस्तान की उस वेब सीरीज में क्या है, जिसका हो रहा विरोध

पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहाँ अल्पसंख्यकों पर वैसे अमानवीय अत्याचार किए जाते हैं, जिनकी कल्पना किसी सभ्य देश में नहीं बल्कि इस्लामी देश में ही की जा सकती है। पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई लड़कियों का अपहरण कर धर्मांतरण के बाद उम्रदराज लोगों के साथ निकाह क दिया जाता है। इनमें ज्यादातर नाबालिग होती हैं।

अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार, उनके नरसंहार और धर्मांतरण सहित आतंकवाद के लिए दुनिया भर में कुख्यात पड़ोसी देश पाकिस्तान उधार लेकर भी भारत के खिलाफ नफरत और प्रोपेगेंडा जारी रखता है। खस्ताहाल पाकिस्तान में एक सीरीज बनी है, जिनमें ब्राह्मणों को अत्याचारी और क्रिमिनल दिखाया गया है। इतना ही नहीं, सिख दंगा, गुजरात दंगा, बाबरी जैसे विवादास्पद मुद्दों को भी अपने हिसाब से तोड़-मरोड़कर प्रदर्शित किया है।

पाकिस्तान में बने इस वेब सीरीज का नाम ‘सेवक-द कन्फेशन’ (Sevak- The Confessions) है। यह वेब सीरीज 26 नवंबर 2022 को रीलीज हो गई है, लेकिन लोगों का इस पर ध्यान अब गया है। इसके एपिसोड यूट्यूब पर मौजूद हैं। इसमें पाकिस्तान के हिंदूफोबिया से ग्रसित होने के लक्षण साफ नजर आ रहे हैं।

इस प्रोपेगेंडा वेब सीरीज में 1984 के सिख विरोधी दंगे, गुजरात दंगा, बाबरी ढाँचा ध्वंस, ग्राहम स्टेंस, विवादित दीप सिद्धू, हेमंत करकरे, गौरी लंकेश और जुनैद खान को लेकर प्रोपगेंडा फैलाने की कोशिश की गई है। इसका एक डायलॉग है, “साधु जी कहते हैं, जिस दिन मनुष्य जन्म लेता है उस दिन उसका राक्षस भी जन्म लेता है।”

इस सीरीज का लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ट्रेलर देखने के बाद ट्विटर पर सोशल मीडिया यूजर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने आँख में बाथरूम क्लिनर हारपिक डालने का डालने की फोटो डालकर वेब सीरीज पर कटाक्ष किया है।

संतोष सतपथी नाम के यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान को पैसे के लिए IMF, अमेरिका, चीन और अरब देशों से भीख माँगनी पड़ती है। लेकिन, भारत विरोधी फालतू फिल्म बनाने के लिए पैसे लगाने में उसे कोई दिक्कत नहीं आती है।”

बता दें कि पाकिस्तान एक ऐसा मुल्क है जहाँ अल्पसंख्यकों पर वैसे अमानवीय अत्याचार किए जाते हैं, जिनकी कल्पना किसी सभ्य देश में नहीं बल्कि इस्लामी देश में ही की जा सकती है। पाकिस्तान में हिंदू, सिख और ईसाई लड़कियों का अपहरण कर धर्मांतरण के बाद उम्रदराज लोगों के साथ निकाह क दिया जाता है। इनमें ज्यादातर नाबालिग होती हैं।

इसके लिए अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों पर हमले भी आम बता हैं। सरकार भी इन कट्टरपंथियों के खिलाफ कार्रवाई ना करके उनका खूब हौसला अफजाई करती है। अल्पसंख्यक व्यक्ति से दुश्मनी निकालने के लिए वहाँ ईशनिंदा जैसे विवादास्पद कानूनों का खूब इस्तेमाल किया जाता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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