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पाकिस्तान: गुटका बेचने वाले अली कुरैशी ने Express News के एंकर पर करवाया देशद्रोह का केस दर्ज, रिकॉर्ड चेक हुए तो खुद निकला 10 मामलों में आरोपित

पाकिस्तानी पत्रकार के विरुद्ध देशद्रोह का मामला एक गुटका बेचने वाले ने दर्ज करवाया है। दिलचस्प बात ये है कि थट्टा की पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार उसी गुटके वाले पर पिछले सात वर्षों में कम से कम 10 केस दर्ज हैं।

पाकिस्तान के पत्रकार इमरान रियाज खान के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रविवार (22 मई 2022) को एक्सप्रेस न्यूज के एंकर इमरान रियाज खान के खिलाफ देश के संस्थानों की आलोचना करने और विद्रोह को बढ़ावा देने सहित कई अपराधों को लेकर मामला दर्ज किया।

पत्रकार के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता (PPC) की धारा 131 (विद्रोह के लिए उकसाना), 153 (दंगा भड़काना), 452 (अतिचार) और 505 के तहत थट्टा के धाबेजी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने FIR के हवाले से बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ता का आरोप है कि इमरान रियाज को कथित तौर पर सेना और संस्थानों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक और भड़काऊ भाषा में बात करते हुए पाया था।

शिकायतकर्ता ने FIR में कहा, “मैं एक देशभक्त नागरिक हूँ और जिस तरह से एंकर इमरान रियाज खान ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना और राज्य संस्थानों के खिलाफ बात की है, उससे मैं स्तब्ध और आहत हूँ।”

शिकायतकर्ता का आपराधिक रिकॉर्ड

शिकायतकर्ता की पहचान आशिक अली कुरैशी के रूप में हुई है। वह गुटखा बेचने का काम करता है। दिलचस्प बात यह है कि थट्टा की पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ पिछले सात वर्षों में कम से कम 10 बार संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने उस रिकॉर्ड को देखा जिसमें दिखाया गया था कि 2015 से 2022 तक गुटखा बेचने के लिए जिले के कई पुलिस स्टेशनों में उस व्यक्ति के खिलाफ दस मामले दर्ज किए गए हैं। वह पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 270, धारा 269 के तहत मामलों का सामना कर चुका है। रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ धारा 353 के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। इसके अलावा, यह भी देखा गया कि आवेदन अधूरा और ‘संदिग्ध’ था क्योंकि उस व्यक्ति ने न तो अपना पूरा पता और न ही अपना फोन नंबर शेयर किया था।

इस बीच, पीटीआई के अध्यक्ष इमरान खान ने पत्रकारों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की निंदा की और इसे ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘फर्जी FIR’ के पीछे पड़ी है और कहा कि यह ‘बिल्कुल अस्वीकार्य’ है।

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, पत्रकारों – अरशद शरीफ, साबिर शाकिर और सामी इब्राहिम – के खिलाफ शनिवार (21 मई 2022) को देशद्रोह और ‘राज्य विरोधी’ नैरेटिव को आगे बढ़ाने के आरोप में FIR दर्ज किया गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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