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पाकिस्तान में बैन, अब ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का चुनाव लड़ेंगे इमरान खान: जेल से ही चांसलर बनने के लिए दिया आवेदन, 800 साल में पहली बार ऑनलाइन मतदान

साल 1972 में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी से करने वाले इमरान खान को लेकर बुखारी ने पुष्टि की कि वह यूनिवर्सिटी के चांसलर पद का चुनाव लड़ने को तैयार हो गए हैं।

पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में चांसलर बनने के लिए आवेदन दे दिया है। ये जानकारी इमरान खान के सलाहकार सैयद जुल्फिकार बुखारी ने सोशल मीडिया के जरिए दी है। 1972 में दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी से करने वाले इमरान खान को लेकर बुखारी ने पुष्टि की कि वह यूनिवर्सिटी के चांसलर पद का चुनाव लड़ने को तैयार हो गए हैं।

बुखारी ने बताया कि इमरान खान ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चांसलर इलेक्शन 2024 का आवेदन फॉर्म जमा कर दिया है। अब चुनाव 28 अक्टूबर को होने हैं। बुखारी ने बताया, “अगर इमरान खान चांसलर बनते हैं, तो वह एशियाई मूल के पहले व्यक्ति होंगे। यह सिर्फ पाकिस्तान के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया और बाकी दुनिया के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।”

इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने भी इस संबंध में ट्वीट किया है। उन्होंने बताया, “पाकिस्तान के राष्ट्रीय हीरो और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, पाकिस्तान की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी पीटीआई के संस्थापक और अध्यक्ष, एक क्रिकेट लीजेंड, एक परोपकारी और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, जेल में रहते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के चांसलर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

मालूम हो कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के 800 सालों के इतिहास में पहली बार चांसलर चुनाव के लिए ऑनलाइन मतदान होगा। इसके लिए आवेदक को 18 अगस्त तक रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत थी। अब अक्टूबर की शुरुआत में उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जाएगी।

रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस पद के लिए पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, थेरेसा मे और बोरिस जॉनसन ने भी नामांकन किया है। इसके अलावा कई महिला आवेदन भी इस लिस्ट में शामिल हैं। अगर उनमें से भी कोई चांसलर पद के लिए निर्वाचित होता है तो पहली बार कोई ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी में महिला चांसलर बनेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी के चांसलर लॉर्ड क्रिस पैटन थे। उन्होंने इसी साल फरवरी में अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया था। उन्होंने चांसलर पद की कमान 2003 में संभाली थी। इसके बाद 2024 यानी 21 साल वो इस पद पर रहे और हाल में उन्होंने अपना इस्तीफा दिया। वो इससे पहले हांगकांग के 28वें और अंतिम ब्रिटिश गवर्नर के तौर पर भी काम कर चुके थे

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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