Saturday, July 13, 2024
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‘आतंकवाद का गढ़ न बने अफगानिस्तान, सभी की गहरी नजर’: रूस सहित 7 देशों के NSA से मिले PM मोदी, अजीत डोभाल ने की बैठक

इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 देशों के एनएसए के साथ मुलाकात की। बैठक में एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम का न केवल वहाँ रहने वाले लोगों के लिए बल्कि उसके पड़ोसी देशों और क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं।

दिल्ली में अफगान संकट को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने बुधवार (10 नवंबर 2021) को सात देशों के एनएसए के साथ बैठक की। अफगानिस्तान पर दिल्ली क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ता में रूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भाग लिया।

इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 देशों के एनएसए के साथ मुलाकात की। बैठक में एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम का न केवल वहाँ रहने वाले लोगों के लिए बल्कि उसके पड़ोसी देशों और क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण निहितार्थ हैं।

बैठक शुरू होने से पहले डोभाल ने उम्मीद जताई की सात देशों के साथ यह चर्चा सार्थक होगी। उन्होंने कहा, “यह हमारे बीच करीबी विचार-विमर्श का समय है। मुझे विश्वास है कि हमारे बीच विचार-विमर्श अफगान लोगों की मदद करने और हमारी सामूहिक सुरक्षा को बढ़ाने में योगदान देगा।”

तालिबान काबुल नियत्रंण करने के बाद आतंकवाद, कट्टरवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के बढ़ते खतरों का सामना करने में व्यावहारिक सहयोग के लिए एक सामान्य दृष्टिकोण को मजबूत करने के उद्देश्य से भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है।

बताया जा रहा है कि भारत ने इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए पाकिस्तान और चीन को भी आमंत्रित किया था, लेकिन दोनों देशों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। चीन ने बैठक में हिस्सा नहीं लेने की वजह पहले से तय कार्यक्रमों को बताया है। वहीं पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को लेकर भारत के ‘नकारात्मक रवैये’ को जिम्मेदार ठहराया और बैठक को छोड़ने का फैसला किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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