Sunday, July 14, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'बच्चों को खाना कैसे खिलाएँगे?': कंगाल पाकिस्तान में बिजली बिल देने को तैयार नहीं...

‘बच्चों को खाना कैसे खिलाएँगे?’: कंगाल पाकिस्तान में बिजली बिल देने को तैयार नहीं लोग, पूरे मुल्क में सड़क पर चल रहा प्रदर्शन 

पेशे से नाई मोहम्मद करामात ने बताया कि अगस्त के लिए 60,000 पाकिस्तानी रुपए (लगभग 200 डॉलर) का बिल आया है, जो उनके बस के बाहर का है।

पाकिस्तान के कई शहरों में पिछले कई दिनों से बहुत ज्यादा बिजली बिलों को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पेशावर, कराची, लाहौर, मुल्तान, रावलपिंडी, सभी में लोगों ने बिजली की बढ़ी हुई दरों के खिलाफ सड़क जाम करते, टायर जलाते और नारे लगाते देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि वहाँ आम लोगों के घरों में भी लाखों के बिल आ रहे हैं। बता दें कि आज शुक्रवार, 2 सितम्बर, 2023  को जमात-ए-इस्लामी (जेआई) के आह्वान पर बिजली दरों के मुद्दे पर देशव्यापी हड़ताल है। वहीं खैबर पख्तूनख्वा में भी बढ़ी हुई बिजली बिल के खिलाफ सड़क जाम कर भारी प्रदर्शन हो रहा है।

दरअसल, सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मंजूरी के बिना बिजली की कीमतों में कटौती करने से इनकार करने के बाद पाकिस्तान में बिजली के बिल बहुत ज़्यादा बढ़ गए हैं। वहीं लोग कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक़ के समझाने के बाद भी पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर बिजली का बिल जलाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों ने बिजली कंपनियों के कार्यालयों पर हमला भी किया।

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, टैक्सी ड्राइवर नूरुल अमीन कहना है,  “हम महँगाई की बाढ़ में डूब गए हैं। बिजली के ये बिल बहुत ज़्यादा है, अगर मैंने इस महीने बिजली का बिल भर दिया तो मैं अपने तीन बच्चों को खाना नहीं खिला पाउँगा।”

पेशे से नाई मोहम्मद करामात ने बताया कि अगस्त के लिए 60,000 पाकिस्तानी रुपए (लगभग 200 डॉलर) का बिल आया है, जो उनके बस के बाहर का है। 

वहीं इस मामले में पिछले दिनों पाकिस्तान के अंतरिम सूचना मंत्री मुर्तजा सोलांगी ने कहा कि ऊर्जा मंत्रालय ने लोगों को राहत देने के लिए प्रस्तावित उपायों की एक सूची को अंतिम रूप दे दिया है और इसे मंजूरी के लिए संघीय कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा

इससे पहले कार्यवाहक प्रधानमंत्री, अनवर उल हक काकर ने एक आपातकालीन बैठक की थी और बिजली दरों में कटौती के लिए अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया था।  हालाँकि, अभी तक पाकिस्तान सर्कार कोई हल नहीं निकाल पाई है और पाकिस्तानी एक सप्ताह से ज़्यादा समय से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं उनके मंत्रिमंडल ने कहा है कि बिलों में कटौती से आईएमएफ का भारी ऋण खतरे में पड़ जाएगा इसलिए फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। 

काकर ने 27 अगस्त को कहा था कि वह आम आदमी का प्रतिनिधित्व करते हैं, पीएम हाउस और पाकिस्तान सचिवालय में बिजली की खपत को कम करने के लिए उपाय किए जाएँगे। उन्होंने आगे कहा था , “अगर इसके लिए मेरे कमरे का एयर कंडीशनर भी बंद करना पड़े तो बंद कर दीजिए।'”

गौरतलब है कि IMF ने कंगाल पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से जुलाई में पाकिस्तान को ऊर्जा सब्सिडी समाप्त करने और 3 बिलियन डॉलर के ऋण के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य पूरा करने के लिए कठिन शर्तें रखी थीं, जिसकी वजह से पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार असहाय नजर आ रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिसने चलाई डोनाल्ड ट्रंप पर गोली, उसने दिया था बाइडेन की पार्टी को चंदा: FBI लगा रही उसके मकसद का पता

पेंसिल्वेनिया के मतदाता डेटाबेस के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने वाला थॉमस मैथ्यू क्रूक्स रिपब्लिकन के मतदाता के रूप में पंजीकृत था।

डोनाल्ड ट्रंप को मारी गई गोली, अमेरिकी मीडिया बता रहा ‘भीड़ की आवाज’ और ‘पॉपिंग साउंड’: फेसबुक पर भी वामपंथी षड्यंत्र हावी

डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के प्रयास की पूरी दुनिया के नेताओं ने निंदा की, तो अमेरिकी मीडिया ने इस घटना को कमतर आँकने की कोशिश की।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -