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बेलारूस में होगी रूस-यूक्रेन बातचीत: NATO के सदस्य रोमानिया के शिप पर हमला, पुतिन ने यूक्रेनी सेना को सत्ता हाथ में लेने के लिए कहा

आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत कर वार्ता के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी।

यूक्रेन के सेना प्रमुख का कहना है कि रूस ने रोमानिया के शिप पर हमला किया है। इस हमले के कारण शिप को भारी नुकसान हुआ है। नाटो (NATO) सदस्य रोमानिया के शिप पर हमले के बाद टेंशन और बढ़ने की आशंका है। माना जा रहा है कि रूस की इस कार्रवाई के बाद अमेरिका भी इस युद्ध में कूद सकता है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की सेना को कहा है कि वो देश की सत्ता अपने हाथ में ले ले।

इस बीच खबर ये भी आ रही है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्डोमिर जेलेंस्की जल्दी ही वार्ता शुरू कर सकते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच में बातचीत बेलारूस की राजधानी मिन्स्क में हो सकती है। बताया जा रहा है कि रूस की तरफ से इसका प्रस्ताव यूक्रेन को भेज दिया गया है।

देश को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, “हमारी रणनीति और इरादे दोनों बिल्कुल साफ हैं। हम यूक्रेन पर कब्जा नहीं करना चाहते हैं। इसलिए यूक्रेन की फौज को चाहिए कि वो तुरंत रूस के सामने आत्मसमर्पण करे और वहाँ की सत्ता अपने हाथ में ले। यूक्रेन के लोगों को वहाँ की सरकार ने बंधक बना लिया है। वोल्दोमिर जेलेंस्की की सरकार ड्रग एडिक्ट और नाजियों का गिरोह है।”

सत्ता अपने हाथ में ले सेना: रूस

रूसी के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की सेना से कहा है कि वह देश की सत्ता अपने हाथों में ले ले। इससे दोनों के बीच समझौता करना आसान होगा। उन्होंने यूक्रेन की वर्तमान सरकार को नव-नाजी बताया। पुतिन ने कहा कि ‘नव-नाज़ियों’ से नागरिकों की रक्षा के लिए सेना को वहाँ की ‘सत्ता’ को अपने हाथों में ले लेना चाहिए।

रोमानियाई शिप पर हमला

यूक्रेन के सेना प्रमुख ने दावा किया है कि काला सागर (Black Sea) में रूस ने रोमानिया के एक शिप पर मिसाइल से हमला किया है। इस हमले से शिप में आग लग गई। बता दें कि रोमानिया नाटो का सदस्य देश है। नाटो और अमेरिका अब तक इस जंग में इसलिए नहीं कूदा है, क्योंकि उसका कहना है कि यूक्रेन उसके संगठन का सदस्य नहीं है।

इस हमले के बाद आशंका जताई जा रही है कि अगर युद्ध विराम नहीं हुआ तो अमेरिका और नाटो देश भी रूस के खिलाफ यूक्रेन के साथ इस युद्ध में कूद सकते हैं। इसके पहले अमेरिका ने कहा था कि वह इस युद्ध में नहीं पड़ेगा। हालाँकि, उसने रोमानिया में अपने फाइटर जेट F35 को तैयार रखा है।

बातचीत के लिए रूस तैयार

खबर आ रही है कि यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए रूस तैयार हो गया है। यह बातचीत बेलारूस में होने की संभावना है। रूस सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि उनकी सरकार डिप्लोमैट्स को बातचीत के लिए बेलारूस की राजधानी मिंस्क भेज सकती है। इस बारे में रूस की तरफ से लिखित बयान जारी किया गया है। इसके पहले उसने यूक्रेनी सेना के सरेंडर की शर्त रखी थी।

इसके पहले रूस ने यूक्रेन के सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए कहा था। रूस ने कहा था कि यूक्रेन के सैनिक अगर रूस के सेना के सामने आत्मसमर्पण करते हैं तो बातचीत की गुंजाईश बनेगी और दोनों देश बातचीत की टेबल पर आ सकते हैं।

पुतिन और जिंगपिन की बातचीत

आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत की। इस दौरान जिनपिंग ने पुतिन से वार्ता के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया। दोनों राष्ट्रपति ने टेलीफोन पर वर्तमान हालात को लेकर बातचीत की। बता दें कि इसके पहले गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी।

भारत में स्थित यूक्रेन ने राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया था कि वे रूस के राष्ट्रपति से बातचीत कर बातचीत के लिए तैयार करें। उन्होंने पीएम मोदी को पुतिन का दोस्त बताते हुए महाभारत का संदर्भ दिया था और कहा था कि महाभारत में युद्ध से पहले शांति की कोशिश हुई थी, लेकिन वह असफल रही थी। लेकिन, पीएम मोदी कोशिश करते हैं तो यूक्रेन और रूस के बीच शांति बहाल हो सकती है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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