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बांग्लादेश में 10 साल की हिंदू बच्ची की मौत और मौसी-नानी से गैंगरेप की खबरों को पुलिस ने नकारा, बताया- अफवाह

बांग्लादेश के एक रिपोर्ट के हवाले से इस पूरी घटना से इनकार किया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाजीगंज उपजिला को लेकर फिर से अफवाहें फैल रही हैं। शनिवार सुबह से ही देश-विदेश में कई सोशल मीडिया के जरिए हिंदू समुदाय के एक माँ-बहन और दस साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की खबर फैलाई जा रही है।

नोट: यह रिपोर्ट नई सूचनाओं के आधार पर अपडेट की गई है।

बांग्लादेश में हिंदुओं के ख़िलाफ़ भड़की हिंसा में इस्लामी कट्टरपंथियों का शिकार एक 10 साल की हिंदू लड़की हुई है। उसके साथ जुमे की नमाज के बाद कट्टरपंथियों की भीड़ ने रेप किया था। अब खबर आ रही है कि ज्यादा खून बह जाने से उसकी जान चली गई। हालाँकि बांग्लादेश पुलिस के हवाले से वहाँ की रिपोर्ट में इस घटना से इनकार करते हुए इसे अफवाह बताया जा रहा है।

वहीं बांग्लादेश के एक्टिविस्ट आजम खान ने इस संबंध में पोस्ट कर जानकारी दी। उन्होंने बताया,

“10 साल की लड़की जिसे कट्टरपंथी मुस्लिमों ने रेप किया, वो  अधिक खून बह जाने के कारण मर गई है। किसी को नहीं मालूम कि कितनों ने उसके साथ रेप किया। उसकी मौसी और नानी का भी साथ में गैंगरेप हुआ था, दोनों पुलिस कस्टडी में हैं। उन्हें न पत्रकारों से, न कार्यकर्ताओं से और न ही रिश्तेदारों से बात करने की अनुमति दी जा रही हा। आखिरकार अगर उन्हें बात करनी दी जाएगी तो इससे उनके महान देश की साख को नुकसान पहुँचेगा और मजहब भी बदनाम होगा और उसका अनुसरण करने वाले भी…मैं डिमांड करता हूँ कि उन्हें पत्रकारों और कार्यकर्ताओं से बात करने दी जाए।”

इससे पहले भी इस घटना की जानकारी आजम खान ने ही अपने पोस्ट में दी थी। उन्होंने लिखा था,

“हाजीगंज के चांदपुर में अब तक का सबसे गंदा रेप केस। मु्स्लिम चरमपंथियों ने पूरे हिंदू परिवार का रेप किया। उन्होंने माँ का रेप किया, बेटी का रेप किया और भतीजी का रेप किया जो सिर्फ 10  साल की थी। ये मतलब ही नहीं है कि मीडिया को कितना भी ब्लैकआउट और सेंसर किया जाए। हम ऐसे अत्याचारों के विरुद्ध आवाज उठाएँगे ताकि लोगों को पता चल सके। मैं शर्म करता हूँ कि मैं मुस्लिम समुदाय में पैदा हुआ और मेरी परवरिश इसमें हुई।”

हालाँकि बांग्लादेश के एक रिपोर्ट के हवाले से इस पूरी घटना से इनकार किया जा रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हाजीगंज उपजिला को लेकर फिर से अफवाहें फैल रही हैं। शनिवार सुबह से ही देश-विदेश में कई सोशल मीडिया के जरिए हिंदू समुदाय के एक माँ-बहन और दस साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की खबर फैलाई जा रही है। बच्ची मर चुकी है। जबकि हाजीगंज उपजिला में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

फैक्टवॉच ने चाँदपुर के स्थानीय अख़बार ‘popularbd.news’ के रिपोर्ट के हवाले से पाया कि हाजीगंज में हिंदू समुदाय के खिलाफ बलात्कार की पूरी घटना को अफवाह बताया गया था। पॉपुलरबीडीन्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है कि हाजीगंज थाना प्रभारी हरुनूर राशिद और बांग्लादेश पूजा उदयपन परिषद हाजीगंज उपजिला के अध्यक्ष बाबू रूहिदास बानिक ने भी इस जानकारी की पुष्टि की।

गौरतलब है कि इन ट्वीट्स को रश्मि सामंत ने भी शेयर किया है जिन्हें कुछ समय पहले वामपंथी और हिंदू विरोधी प्रोपगेंडाबाजों ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन की अध्यक्ष पद पर जीत के बाद उन्हें घेरना शुरू किया था और उनसे इस्तीफा लिया गया था। रश्मि घटना पर लिखती हैं, “बांग्लादेशी हिंदुओं को आजाद करो। उन्हें उन देशों में त्वरित शरण दी जानी चाहिए जहाँ 21वीं सदी में हिंदुओं को प्रताड़ित नहीं किया जाता।”

बता दें कि इससे पहले खबर आई थी कि बांग्लादेश के नोआखाली इलाके में जुमे की नमाज के बाद 200 कट्टरपंथियों की भीड़ ने हिंदुओं के इस्कॉन मंदिर पर हमला कर इस्कॉन श्रद्धालु पार्थ दास की बर्बरता से हत्या कर दी। इस्कॉन ने अपने बयान में बताया था कि पार्थ का शव मंदिर के पास तालाब में तैरता मिला। वहीं इस्‍कॉन से जुड़े राधारमण दास ने ट्वीट कर बताया कि पार्थ को बुरी तरह से पीटा गया था कि जब उनका शव मिला तो शरीर के अंदर के हिस्से गायब थे। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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