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जुमे की नमाज के बाद चटगाँव में 3 मंदिरों पर हमला, मूर्तियों को तोड़ा: हिंदुओं की दुकानों को भी फूँका, पीड़ितों को बचाने नहीं आई बांग्लादेश की पुलिस-फौज

जिन इलाकों में हमला किया गया है, वे हिंदू बहुल हैं। यहाँ की 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है। सत्ता पलटने के बाद अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा से डरकर समुदाय के कई लोग इलाका छोड़कर चले गए हैं। शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में अब तक 200 से अधिक हिंदू मंदिरों निशाना बनाते हुए देवी-देवताओं को अपवित्र किया गया है।

प्रधानमंत्री शेख हसीना के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं का नरसंहार जारी है। हत्या और बलात्कार की घटनाएँ बढ़ गई हैं। मंदिरों का विध्वंस किया जा रहा है। जिहादी एवं चरमपंथियों द्वारा दिए जा रहे इस कृत्य को मोहम्मद यूनुस की सरकार और सेना का समर्थन प्राप्त है। जुमे की नमाज के बाद हिंसक इस्लामी फिर ने हिंदुओं और मंदिरों को निशाना है।

हिंसक इस्लामी भीड़ ने जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (29 नवंबर 2024) को बांग्लादेश के चटगाँव स्थित तीन हिंदू मंदिरों पर हमला कर दिया और उसमें तोड़फोड़ की। इस्लामी चरमपंथियों ने हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमा को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने प्रतिमा को खंडित करके टुकड़ों को इधर-उधर फेंक दिया। वहीं, हिंदुओं पर हमले किए गए। इसके कारण लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा।

शुक्रवार को चटगाँव के कोतवाली पुलिस स्टेशन इलाके में स्थित हिंदुओं के दुकानों को आग लगा दी गई। कुछ लोगों के मकानों में भी आग लगाने की बात सामने आ रही है। शांतानेश्वरी मातृ मंदिर, शनि मंदिर और शांतनेश्वरी कालीबाड़ी मंदिर को निशाना बनाया गया। हमले के दौरान हिंदुओं ने सेना और पुलिस से मदद माँगी, लेकिन उनकी कोई मदद नहीं की गई।

शांतिनेश्वरी मंदिर प्रबंधन समिति के स्थायी सदस्य तपन दास ने स्थानीय बीडीन्यूज24 को बताया, “जुमा (शुक्रवार) की नमाज के बाद सैकड़ों लोगों का एक जुलूस आया। उन्होंने हिंदू विरोधी और इस्कॉन विरोधी नारे लगाने शुरू कर दिए। हमलावरों ने मंदिर पर हमला कर कर दिया और ईंट-पत्थर फेंके। उन्होंने शनि मंदिर और काली मंदिर में तोड़फोड़ की और दुकानों को निशाना बनाया।”

जिन इलाकों में हमला किया गया है, वे हिंदू बहुल हैं। यहाँ की 90 प्रतिशत आबादी हिंदू है। सत्ता पलटने के बाद अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा से डरकर समुदाय के कई लोग इलाका छोड़कर चले गए हैं। शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के तख्ता पलट के बाद बांग्लादेश में अब तक 200 से अधिक हिंदू मंदिरों निशाना बनाते हुए देवी-देवताओं को अपवित्र किया गया है।

यही वो चटगाँव है, जहाँ ISCKON के संत चिन्मय कृष्णदास और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने यहाँ विरोध प्रदर्शन किए थे। दरअसल, यूनुस सरकार को समर्थन दे रहीं बांग्लादेश की इस्लामी पार्टियों ने ISKCON को बैन करवाने के लिए जोर लगा दिया है। वे ISKCON को ‘कट्टरपंथी संगठन’ बता रही हैं।

बांग्लादेश की कट्टरपंथी सरकार ने चिन्मय कृृष्णदास की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं, बांग्लादेश सरकार ने चिन्मय कृष्णदास सहित उनकी धार्मिक संस्था से जुड़े 17 लोगों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों से लेन-देन पर 30 दिन के लिए रोक लगाने का आदेश दिया गया है। इस्लामी मुल्क में हिंदू संत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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