Saturday, July 20, 2024
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महिला वकील उरूज रहमान ने साथी संग पुलिस पर फेंका ‘कॉकटेल बम’: $2,50,000 के बॉन्ड के बाद जमानत, घर में नज़रबंद

"उरूज रहमान ने पढ़ाई तो की है क़ानून की लेकिन उनकी हरकतों के बारे में पढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि उन्होंने सारे कृत्य क़ानून के विपरीत ही किए हैं। उन्होंने पुलिस पर कॉकटेल बम फेंकने के साथ ही क़ानून का अपना करियर भी फेंक दिया। रहमान ने ही पुलिस पर बम फेंका था और वो प्रदर्शनकारियों को भी ये कॉकटेल बम देना चाह रही थीं, ताकि और अराजकता फैले।"

ब्रुकलिन में कोर्ट ने दो वकीलों को बॉन्ड भरने के बाद रिहा कर दिया है। उन दोनों ने पुलिस की गाड़ी पर मोलोटोव कॉकटेल का बम बना कर फेंका था। शनिवार (मई 30, 2020) को ये घटना हुई थी, जिसके बाद इन दोनों को गिरफ़्तार किया गया था। जस्टिस स्टीवन गोल्ड ने ब्रुकलिन कमिटी के दोनों सदस्यों के लिए $2,50,000 का बॉन्ड अप्रूव किया, जिसके बाद 32 वर्षीय कोलिनफोर्ड मैटिस और 31 साल की उरूज रहमान को रिहा कर दिया।

हालाँकि, फ़ेडरल प्रॉसीक्यूटरों ने इसका कड़ा विरोध किया। दोनों ही वकीलों को उनके घर में ही बंद रखा जाएगा और उनके द्वारा जमानत की शर्तों का किसी भी प्रकार से उल्लंघन किया जाता है तो उनकी हरकतों की जिम्मेदारी उनके उन रिश्तेदारों-दोस्तों को लेनी होगी, जिन्होंने दोनों के लिए बॉन्ड पर हस्ताक्षर किए हैं। फेडरल प्रॉसीक्यूटरों ने एक अलग कोर्ट में इस निर्णय के खिलाफ अपील की थी लेकिन उसे रद्द कर दिया गया।

उरूज रहमान ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में बताया है कि वो न्यूयॉर्क सिटी में पली-बढ़ी हैं। वो बताती हैं कि उनका परिवार भारत और पाकिस्तान से है। उरूज ने लिखा है कि उन्हें देश-दुनियाँ घूमना और नए दोस्त बनाना पसंद है। वो ख़ुद को उर्दू और हिंदी जानने वाली बताती हैं और उनका कहना है कि वो दूसरों को भी ये भाषाएँ सीखा सकती हैं। उरूज रहमान ने लिखा है कि उन्हें नई संस्कृतियों के बारे में जानना पसंद है।

प्रॉसीक्यूटर ने दोनों वकीलों की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने एक्सप्लोसिव वाले कॉकटेल के साथ गाड़ी चलाते हुए सब कुछ दाँव पर लगा दिया था, तब जाकर इनकी गिरफ़्तारी संभव हुई। रहमान की हरकतों के बारे में प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट में कहा कि ये सामान्य व्यक्ति का व्यवहार नहीं हो सकता। उसने कहा कि जिस तरह से शहर में अफरातफरी का माहौल है, उन्हें छोड़ना खतरे से खाली नहीं होगा। प्रॉसीक्यूटर ने इन दोनों को ‘बम फेंकने वाला’ करार दिया।

प्रॉसीक्यूटर ने कहा, “उरूज रहमान ने पढ़ाई तो की है क़ानून की लेकिन उनकी हरकतों के बारे में पढ़ने के बाद ऐसा लगता है कि उन्होंने सारे कृत्य क़ानून के विपरीत ही किए हैं। उन्होंने पुलिस पर कॉकटेल बम फेंकने के साथ ही क़ानून का अपना करियर भी फेंक दिया।” वहीं मैटिस प्रिंसटन यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क स्कूल ऑफ लॉ से पढ़े हुए हैं। वो मेनहट्टन की एक कम्पनी में कार्यरत थे लेकिन अप्रैल से ही उन्होंने छुट्टी ले रखी थी।

उरूज रहमान ख़ुद को एक ट्रैवलर भी बताती हैं

वहीं उरूज रहमान को न्यूयॉर्क स्टेट में अटॉर्नी के तौर पर भी रजिस्टर किया गया था। उन्हें फोर्डहम यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ लॉ से स्नातक उत्तीर्ण करने के बाद जून 2019 में बार में शामिल किया गया था। उनके डिफेंस वकील ने दोनों के क़ानूनी करियर और प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों से पढ़े होने की बात करते हुए कहा कि वो कम्युनिटी के लिए ख़तरा नहीं हैं। रहमान ने ही पुलिस पर बम फेंका था और वो प्रदर्शनकारियों को भी ये कॉकटेल बम देना चाह रही थीं, ताकि और अराजकता फैले।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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