Homeदेश-समाजकाम था केरल की महिला क्रिकेटरों को कोचिंग देना, करने लगा यौन शोषण: नग्न...

काम था केरल की महिला क्रिकेटरों को कोचिंग देना, करने लगा यौन शोषण: नग्न तस्वीरें खींचकर कहता था- ये चयन के लिए जरूरी है

राज्य मानवाधिकार आयोग ने इन आरोपों की पुष्टि के लिए एक पैनल का भी गठन कर लिया। मनु पर केस दर्ज होने के बाद 5 लड़कियाँ सामने आई हैं। इन्होंने मनु के खिलाफ अपने बयान दर्ज करवाए हैं।

‘केरल क्रिकेट एसोशिएशन’ (KCA) के पूर्व कोच पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। आरोपित का नाम मनु है जिसके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मनु पर महिला खिलाड़ियों की नग्न तस्वीरें खींचने और प्रशिक्षण के दौरान उनसे छेड़खानी करने का आरोप है। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है और रविवार (7 जुलाई, 2024) को KCA को नोटिस जारी कर के स्पष्टीकरण माँगा है। फिलहाल आरोपित को गिरफ्तार कर के न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए इस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि 10 साल से अधिक समय तक कोच रहे मनु ने कई नाबालिग खिलाड़ियों का यौन उत्पीड़न किया था। उसने क्रिकेट टीम में चयन के लिए जरूरी बता कर कई नाबालिग लड़कियों की नग्न तस्वीरें खींची थीं। उस पर तमिलनाडु के तेनकासी ले जा कर महिला खिलाडियों से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर मनु पर केस दर्ज कर लिया गया था।

राज्य मानवाधिकार आयोग ने इन आरोपों की पुष्टि के लिए एक पैनल का भी गठन कर लिया। मनु पर केस दर्ज होने के बाद 5 लड़कियाँ सामने आई हैं। इन्होंने मनु के खिलाफ अपने बयान दर्ज करवाए हैं। आखिरकार पुलिस ने 2 दिन पहले मनु को पॉक्सो एक्ट के तहत तिरुवनंतपुरम से गिरफ्तार कर लिया है। उसको रिमांड पर ले कर पूछताछ भी की गई। आखिरकार आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आयोग ने KCA को भी तलब किया। KCA ने आयोग को बताया है कि उनको इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी।

मनु फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में है। इधर केरल क्रिकेट एसोशिएसन (KCA) ने पीड़िताओं को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया है। मनु पर पूर्व में भी एक महिला खिलाड़ी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। हालाँकि, बाद में लड़की अपने बयान से मुकर गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या है ‘सेफ हार्बर’ कानून, जिसके तहत फेसबुक-गूगल को मिल रखी है छूट? समझिए भारत और दुनिया भर में क्यों शुरू हुई इसे हटाने...

पीएम मोदी के फेसबुक से वीडियो कुछ देर के लिए हटाने के मामले में समिति ने डिजिटल प्लेटफॉर्म की सेफ हार्बर सुरक्षा रद्द करने की चेतावनी दी है।

₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल-फलाह के जवाद सिद्दीकी को झटका, दोनों अर्जियाँ खारिज: पढ़ें- क्या थीं ‘अनरिलाइड दस्तावेज’ समेत अन्य माँगें...

अल-फलाह समूह के ₹415 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जवाद सिद्दीकी को 2 अर्जियों को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जानें- क्या थीं ये अर्जियाँ?
- विज्ञापन -