Sunday, April 18, 2021
Home बड़ी ख़बर 'द वायर' और CAA विरोधियों का संदिग्ध गठजोड़: भारत के आंतरिक मुद्दों में क्यों...

‘द वायर’ और CAA विरोधियों का संदिग्ध गठजोड़: भारत के आंतरिक मुद्दों में क्यों हस्तक्षेप कर रहे हैं अमेरिकी नागरिक वरदराजन

एक अभियान 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट हिंदुत्व (SAH)' भी विदेशों में लांच किया गया, ताकि भारत में दंगे भड़काए जा सकें। इसका नाम बदल कर अब 'स्टूडेंट्स अगेंस्ट हिंदुत्व आइडियोलॉजी (SAHI)' कर दिया गया है। उन्हें संदिग्ध फंड मिलते हैं और साथ ही डेमोक्रैट पार्टी के साथ उनका सम्बन्ध है। इसने एक डेटाबेस तक तैयार कर रखा है, जिसके द्वारा पश्चिम बंगाल के लोगों को सीएए के खिलाफ भड़काया जाता है।

संसद के दोनों सदनों में सीएए का बिल पास होने के साथ ही पूरे भारत में योजनाबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन हुए, जो बाद में दंगों में बदल गए। पूरे देश में हिंसा का एक माहौल बना दिया गया। इसे लेकर सरकार के खिलाफ बड़े स्तर का प्रपंच रचा गया। भारत-विरोधी और हिन्दू-विरोधी भावनाएँ भड़काई गई, कभी नारों तो कभी पोस्टरों के जरिए। विदेशी विश्वविद्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन कराए गए, ताकि भारत पर डिप्लोमेटिक दबाव बनाया जा सके। सीएए विरोध में ‘द वायर’ के एक गठजोड़ का मामला सामने आया है, जिस पर हम आगे बात करेंगे।

एक अभियान ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट हिंदुत्व (SAH)’ भी विदेशों में लांच किया गया, ताकि भारत में दंगे भड़काए जा सकें। इसका नाम बदल कर अब ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट हिंदुत्व आइडियोलॉजी (SAHI)’ कर दिया गया है। उन्हें संदिग्ध फंड मिलते हैं और साथ ही डेमोक्रैट पार्टी के साथ उनका सम्बन्ध है। इसने एक डेटाबेस तक तैयार कर रखा है, जिसके द्वारा पश्चिम बंगाल के लोगों को सीएए के खिलाफ भड़काया जाता है।

इनके पास कई ऐसी सूचनाओं के स्रोतों की सूची है, जो संदिग्ध हैं। साथ ही एक ऐसे क़ानून के विरोध के लिए प्रपंच रचा जा रहा है, जिसे भारत की संसद के दोनों सदनों ने क़ानूनी तरीके से पास किया है। विश्व भर के विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन के लिए उकसाया जा रहा है। उनके डेटाबेस में एक भारतीय पत्रकार का भी नाम है, जो इन प्रदर्शनों को जम कर प्रमोट कर रहा है, जो भारत सरकार के खिलाफ है।

ये हैं ‘द वायर’ के संस्थापक-संपादक सिद्धार्थ वरदराजन, जो भारतीय नागरिक भी नहीं हैं लेकिन हिंदुत्व के खिलाफ प्रोपेगंडा चलाने में और फेक न्यूज़ फैलाने में इनका कोई सानी नहीं है। इसमें एक संगठन ‘आजाद इंडिया कलेक्टिव’ का नाम है, जो सीएए विरोधी संगठनों में से एक है। एआईसी ने ही SAHI के द्वारा सीएए विरोधी डेटाबेस मेन्टेन किया हुआ है। इसमें प्रदर्शन से जुड़े लेख और याचिकाओं को लिस्ट किया गया है।

यहीं से हमें उनका इंस्टाग्राम अकाउंट मिला, जहाँ लोगों को विरोध प्रदर्शन के लिए भड़काया जा रहा था। यहाँ पता चला कि उन्होंने ‘होली अगेंस्ट हिंदुत्व’ का भी अभियान चलाया था। एआईसी हर उस विदेशी संगठन के साथ साझेदारी बनाने में लगा हुआ था, जो भारत पर दबाव बना कर सीएए को वापस लेने को कहें। भारतीय लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए ये सारे कुचक्र रचे जा रहे थे। इसे जैनाब फिरदौसी और स्पर्श अग्रवाल नामक दो लोगों द्वारा स्थापित किया गया था।

‘आज़ाद इंडिया कलेक्टिव’का इंस्टाग्राम पेज

शिकागो के साप्ताहिक अख़बार ‘हाईड पार्क हेराल्ड’ के अनुसार, एआईसी के लिए किए गए उनके कार्यों को अमेरिकी कॉन्ग्रेस की लाइब्रेरी में भारत से जुड़े आर्काइव्स में रखा जाएगा। उन्होंने अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वामपंथी बर्नी सैंडर्स का समर्थन किया था। हालाँकि, सैंडर्स को जो बिडेन से मात मिली और बिडेन डेमोक्रेट्स के उम्मीदवार बने, इससे ये तो पता चलता ही है कि इस संगठन का फार-लेफ्ट ग्रुप से सम्बन्ध काफ़ी अच्छे हैं।

जैनाब और स्पर्श का हमें एक यूट्यूब इंटरव्यू मिला, जो उन्होंने ‘द मेश’ नामक चैनल को दिया था। इंटरव्यू में दोनों ने स्वीकार किया कि वो दोनों तो बस एआईसी का चेहरा हैं लेकिन कई ऐसे लोग भी हैं जो इस अभियान में बढ़-चढ़ कर मदद कर रहे हैं। उन्होंने कबूल किया कि वो भारत में सीएए के विरोध में हुए कई आन्दोलनों का हिस्सा रह चुके हैं। इंटरव्यू में ये भी खुलासा हुआ कि उन्होंने सीएए विरोध को लेकर ‘द वायर’ के साथ गठजोड़ किया था।

होली अगेंस्ट हिंदुत्व का अभियान चलाते हुए प्रपंची

उन दोनों ने बताया कि वो लोग इस बिल को लोकसभा में टेबल किए जाने से लेकर वर्तमान समय तक हुए प्रदर्शनों के बारे में पूरी टाइमलाइन तैयार करना चाह रहे थे। उन्होंने कई अन्य भारतीय संगठनों के साथ गठजोड़ की बात स्वीकार की और कहा कि उनके पास वेबसाइट पर लगाने के लिए कई ‘प्रबुद्ध’ लोग विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें भेजते थे। आप सोचिए, ‘द वायर’ जैसा मीडिया संस्थान एक संगठन के साथ गठजोड़ करता है और वो भी लोकतान्त्रिक रूप से पारित क़ानून के विरोध के लिए।

यूट्यूब पर जैनाब और स्पर्श का इंटरव्यू

हमें तो ये भी नहीं पता कि अमेरिकी नागरिक वरदराजन ख़ुद ये सब कर रहे हैं या अमेरिका में बैठा राजनीतिक आकाओं से उन्हें इंस्ट्रक्शंस मिल रहे हैं। भारत के लिए विदेशी हस्तक्षेप चिंता का विषय है और वो भी आंतरिक मुद्दों में। नार्थ-ईस्ट को भारत से अलग करने की धमकी देने वाला और महात्मा गाँधी को फासिस्ट बताने वाला शरजील इमाम ‘द वायर’ में लेख लिखता था। दिल्ली दंगों को लेकर भी इसने फेक न्यूज़ फैलाई थी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

K Bhattacharjee
Black Coffee Enthusiast. Post Graduate in Psychology. Bengali.

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र में रेप के कई आरोप… लेकिन कॉन्ग्रेसी अखबार के लिए UP में बेटियाँ असुरक्षित?

सच्चाई ये है कि कॉन्ग्रेस के लिए दुष्कर्म अपराध तभी तक है जब तक वह उत्तर प्रदेश या भाजपा शासित प्रदेश में हो।

जिसके लिए लॉजिकल इंडियन माँग चुका है माफी, द वायर के सिद्धार्थ वरदाराजन ने फैलाई वही फेक न्यूज: जानें क्या है मामला

अब इसी क्रम में सिद्धार्थ वरदाराजन ने फिर से फेक न्यूज फैलाई है। हालाँकि इसी फेक न्यूज के लिए एक दिन पहले ही द लॉजिकल इंडियन सार्वजनिक रूप से माफी माँग चुका है।

कोरोना संकट में कोविड सेंटर बने मंदिर, मस्जिद में नमाज के लिए जिद: महामारी से जंग जरूरी या मस्जिद में नमाज?

मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते बीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में बेड मिलना एक बड़ी चुनौती बन गई है। मृतकों का आँकड़ा भी डरा रहा है। इस बीच कई धार्मिक स्थल मदद को आगे आ रहे हैं और मुश्किल समय में इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।

‘Covid के लिए अल्लाह का शुक्रिया, महामारी ने मुसलमानों को डिटेन्शन कैंप से बचाया’: इंडियन एक्सप्रेस की पूर्व पत्रकार इरेना अकबर

इरेना अकबर ने अपने बयान कहा कि मैं इस तथ्य पर बात कर रही हूँ कि जब ‘फासीवादी’ अपने प्लान बना रहे थे तब अल्लाह ने अपना प्लान बना दिया।

PM मोदी की अपील पर कुंभ का विधिवत समापन, स्वामी अवधेशानंद ने की घोषणा, कहा- जनता की जीवन रक्षा हमारी पहली प्राथमिकता

पीएम मोदी ने आज ही स्वामी अवधेशानंद गिरी से बात करते हुए अनुरोध किया था कि कुंभ मेला कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अब केवल प्रतीकात्मक होना चाहिए।

TMC ने माना ममता की लाशों की रैली वाला ऑडियो असली, अवैध कॉल रिकॉर्डिंग पर बीजेपी के खिलाफ कार्रवाई की माँग

टीएमसी नेता के साथ ममता की बातचीत को पार्टी ने स्वीकार किया है कि रिकॉर्डिंग असली है। इस मामले में टीएमसी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर भाजपा पर गैरकानूनी तरीके से कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘वाइन की बोतल, पाजामा और मेरा शौहर सैफ’: करीना कपूर खान ने बताया बिस्तर पर उन्हें क्या-क्या चाहिए

करीना कपूर ने कहा है कि वे जब भी बिस्तर पर जाती हैं तो उन्हें 3 चीजें चाहिए होती हैं- पाजामा, वाइन की एक बोतल और शौहर सैफ अली खान।

सोशल मीडिया पर नागा साधुओं का मजाक उड़ाने पर फँसी सिमी ग्रेवाल, यूजर्स ने उनकी बिकनी फोटो शेयर कर दिया जवाब

सिमी ग्रेवाल नागा साधुओं की फोटो शेयर करने के बाद से यूजर्स के निशाने पर आ गई हैं। उन्होंने कुंभ मेले में स्नान करने गए नागा साधुओं का...

’47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार सिर्फ मेरे क्षेत्र में’- पूर्व कॉन्ग्रेसी नेता और वर्तमान MLA ने कबूली केरल की दुर्दशा

केरल के पुंजर से विधायक पीसी जॉर्ज ने कहा कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र में 47 लड़कियाँ लव जिहाद का शिकार हुईं हैं।

ऑडियो- ‘लाशों पर राजनीति, CRPF को धमकी, डिटेंशन कैंप का डर’: ममता बनर्जी का एक और ‘खौफनाक’ चेहरा

कथित ऑडियो क्लिप में ममता बनर्जी को यह कहते सुना जा सकता है कि वो (भाजपा) एनपीआर लागू करने और डिटेन्शन कैंप बनाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।

रोजा-सहरी के नाम पर ‘पुलिसवाली’ ने ही आतंकियों को नहीं खोजने दिया, सुरक्षाबलों को धमकाया: लगा UAPA, गई नौकरी

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले की एक विशेष पुलिस अधिकारी को ‘आतंकवाद का महिमामंडन करने’ और सरकारी अधिकारियों को...

जहाँ इस्लाम का जन्म हुआ, उस सऊदी अरब में पढ़ाया जा रहा है रामायण-महाभारत

इस्लामिक राष्ट्र सऊदी अरब ने बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच खुद को उसमें ढालना शुरू कर दिया है। मुस्लिम देश ने शैक्षणिक क्षेत्र में...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,230FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe