Saturday, July 20, 2024
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Fake News: मुस्लिम आतंकियों को बचाने और बौद्धों को दोषी ठहराने के लिए कॉन्ग्रेस समर्थकों ने लगाया जोर

'मुस्लिम महिला के भेष में बौद्ध' वाला नैरेटिव गढ़ा गया और इसे साबित करने के लिए झूठा वीडियो वायरल किया। इस वीडियो को कॉन्ग्रेस समर्थकों, भाजपा के ख़िलाफ़ आग उगलने वालों और कन्हैया कुमार का गुणगान करने वालों ने ख़ूब शेयर किया।

जैसा कि हमने एक लेख में बताया था, कुछ वामपंथी और लिबरल किस्म के लोग श्री लंका हमलों के बाद सिर्फ़ इसीलिए सक्रिय हो गए क्योंकि उन्हें इन हमलों के पीछे किसी तरह बौद्धों का हाथ साबित करना था। अगर घटना भारत की होती तो ये लोग ऐसे हमलों के पीछे हिन्दुओं का हाथ ढूँढ़ते लेकिन श्री लंका की घटना होने के कारण इन्होंने ज़बरन इसमें बौद्धों का हाथ होने की बात कही। इतना ही नहीं, अब इन प्रोपेगेंडाबाज़ों ने अपनी इस कोशिश को सफल बनाने के लिए फेक न्यूज़ का सहारा लिया है।

कॉन्ग्रेस समर्थक महिला ने शेयर किया फेक न्यूज़ (पोस्ट नीचे देखें)

सोशल मीडिया पर लगातार फेक न्यूज़ चलाए जा रहे हैं कि इसमें बौद्धों का हाथ है। अब जबकि श्री लंका की सरकार इस मामले के पीछे नेशनल तौहीद जमात का हाथ देख रही है और खूँखार इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS द्वारा इस हमले की ज़िम्मेदारी लेने की ख़बर आई गई है, तब धर्मनिरपेक्षता के इन ठेकेदारों को साँप सूंघ गया।

कट्टर कॉन्ग्रेस समर्थक ने पुराने वीडियो को शेयर कर फैलाई फेक न्यूज़

अब इन्होंने ‘मुस्लिम महिलाओं के भेष में बौद्ध’ वाला नैरेटिव गढ़ा और इसे साबित करने के लिए झूठा वीडियो वायरल कर दिया। इस वीडियो को कॉन्ग्रेस समर्थकों, भाजपा के ख़िलाफ़ आग उगलने वालों और कन्हैया कुमार का गुणगान करने वालों ने ख़ूब शेयर किया। क़रीब 30 सेकेंड के इस वायरल वीडियो में बुर्क़ा पहने एक शख़्स दिखाई देता है, जिसे पुलिस ने गिरफ़्तार कर रखा है और उससे पूछताछ की जा रही है। वीडियो में बताया जा रहा है कि मुस्लिम महिला के लिबास में यह कोई बौद्ध है, जिसे श्री लंका हमलों में संलिप्तता के लिए गिरफ़्तार किया गया है।

फेसबुक और ट्विटर पर इस वीडियो को हज़ारों लोगों द्वारा शेयर किया गया। ज्ञात हो कि 21 अप्रैल को श्री लंका में हुए सीरियल बम धमाकों में अब तक क़रीब 360 लोगों के मरने की ख़बर आई है और 550 से भी अधिक लोग अभी भी घायल हैं। सरकार स्थानीय जिहादी गुट नेशनल तौहीद जमात व अन्य संदिग्ध संगठनों के सरगनाओं पर कार्रवाई कर रही है और घटना के बाद अब तक 38 लोग गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। बीबीसी ने अपनी पड़ताल में इस वीडियो को फेक पाया लेकिन यह बताने से चूक गए कि आखिर इसे फैला कौन रहा है। इस पड़ताल में पाया गया कि इस वीडियो का श्री लंका ब्लास्ट्स या उसके बाद हुईं गिरफ्तारियों से कुछ भी लेना-देना नहीं है।

दरअसल, ये वीडियो अगस्त 2018 का है। श्री लंका के नेथ न्यूज़ ने ये वीडियो तब पोस्ट किया था, जब उक्त शख़्स को किसी कारण से पुलिस ने गिरफ़्तार किया था। नेथ न्यूज़ ने भी इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्पष्टीकरण देते हुए साफ़ कर दिया है कि इस वीडियो का ताज़ा ब्लास्ट्स से कोई सरोकार नहीं है। ये पुरानी वीडियो है।

ऊपर दिए गए तीन सिर्फ उदाहरण मात्र हैं। फेसबुक पर ‘a buddhist dressed as a muslim woman was caught by’ इससे सर्च कीजिए। आपको अंदाजा लग जाएगा कि किस तरह से इस झूठ को फैलाया जा रहा है। कुछ पेज ऐसे भी हैं, जिसके लगभग 10 लाख फॉलोअर हैं और वहाँ से यह फेक न्यूज हजारों लोगों ने 24 घंटे के अंदर देख लिया, इसे सत्य भी मान लिया। न जाने कितने लोग फिर इसे वॉट्सऐप-वॉट्सऐप खेल रहे होंगे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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