Wednesday, April 21, 2021
Home बड़ी ख़बर 'हिट जॉब विशेषज्ञ' एन राम के अर्ध-सत्य को राहुल ने खींचना चाहा, सरकार ने...

‘हिट जॉब विशेषज्ञ’ एन राम के अर्ध-सत्य को राहुल ने खींचना चाहा, सरकार ने उठाकर पटक दिया

तेज़ी से बदलते घटनाक्रम में तस्वीर और साफ़ होती गई जिसमें राहुल गांधी के आरोपों की धज्जियाँ उड़ गईं। समाचार एजेंसी ANI ने जी मोहन कुमार का पूरा पत्र अपने ट्वीट में प्रकाशित किया जिसमें जी मोहन कुमार के पत्र का उत्तर तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने दिया था।

राहुल गांधी ने आज द हिन्दू के हवाले से एक आधे अधूरे पत्र को दिखा कर फिर से फ़र्ज़ी राफेल उड़ाने की कोशिश की और प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा प्रयोग करते हुए कहा कि चौकीदार चोर है। द हिन्दू में एन राम ने एक लेख लिखा था जिसके बाद राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया। एन राम पहले भी राफेल मुद्दे पर अप्रामाणिक और सनसनीखेज़ खबर प्रकाशित कर मुँह की खा चुके हैं।

द हिन्दू में एन राम ने आज सुबह एक लेख लिखा जिसमें 2015 में रक्षा सचिव रहे जी मोहन कुमार का लिखा एक आधा अधूरा पत्र प्रकाशित किया और मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय रक्षा मंत्रालय के काम में अड़ंगा डाल रहा था। एन राम ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने राफेल की खरीद में रक्षा मंत्रालय और फ़्रांस की कंपनी से की जा रही बातचीत में अनावश्यक रोड़ा अटकाने के उद्देश्य से हस्तक्षेप किया।

यह आरोप लगाने का उद्देश्य यह साबित करना था कि प्रधानमंत्री ने राफेल खरीद में किसी अन्य पार्टी को लाभ पहुँचाने के मकसद से हस्तक्षेप किया। जी मोहन कुमार ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री कार्यालय से असहमति जताते हुए लिखा था कि राफेल रक्षा खरीद में प्रधानमंत्री कार्यालय रक्षा मंत्रालय के पैरेलल नेगोशिएशन कर रहा है।  

द हिन्दू में प्रकाशित लेख के तुरंत बाद ही जी मोहन कुमार सामने आए और उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह पत्र उन्होंने राफेल की क़ीमत के बारे में नहीं बल्कि ‘sovereign guarantee’ और सामान्य नियम एवं शर्तों के बारे में लिखा था।

तेज़ी से बदलते घटनाक्रम में तस्वीर और साफ़ होती गई जिसमें राहुल गांधी के आरोपों की धज्जियाँ उड़ गईं। समाचार एजेंसी ANI ने जी मोहन कुमार का पूरा पत्र अपने ट्वीट में प्रकाशित किया जिसमें जी मोहन कुमार के पत्र का उत्तर तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने दिया था।

मनोहर पर्रिकर ने मोहन कुमार के पत्र का उत्तर देते हुए लिखा था कि भारत के पीएमओ और फ़्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा राफेल खरीद समझौते की पूरी मॉनिटरिंग की जा रही थी जो दोनों देशों के शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में हुई मीटिंग के फलस्वरूप थी। ऐसे में मोहन कुमार की आपत्ति एक निरर्थक प्रतिक्रिया थी। मनोहर पर्रिकर ने अपने उत्तर में यह भी लिखा था कि यदि मोहन कुमार के पीएमओ से कोई मतभेद थे तो वे प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव से बात कर मामला तत्काल सुलझा सकते थे।    

जी मोहन कुमार के स्पष्टीकरण और ANI के ट्वीट के साथ ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने लोकसभा में कहा कि यदि एक अख़बार में एक पत्र प्रकाशित कर आरोप लगाए जा सकते हैं तो पत्रकारिता का यह भी दायित्व है कि तत्कालीन रक्षा मंत्री (पर्रिकर) का उत्तर भी प्रकाशित किया जाए। सीतारमन ने कॉन्ग्रेस पर आरोप लगाते हुए भी कहा कि यूपीए शासनकाल में जब सोनिया गांधी पीएमओ में हस्तक्षेप करती थीं तो उसे क्या कहा जाएगा।            

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘हाइवे पर किसान, ऑक्सीजन सप्लाई में परेशानी’: कोरोना के खिलाफ लड़ाई में AAP समर्थित आंदोलन ही दिल्ली का काल

ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली कंपनी ने बताया है कि किसान आंदोलन के कारण 100 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।

देश को लॉकडाउन से बचाएँ, आजीविका के साधन बाधित न हों, राज्य सरकारें श्रमिकों में भरोसा जगाएँ: PM मोदी

"हमारा प्रयास है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकते हुए आजीविका के साधन बाधित नहीं हों। केंद्र और राज्यों की सरकारों की मदद से श्रमिकों को भी वैक्सीन दी जाएगी। हमारी राज्य सरकारों से अपील है कि वो श्रमिकों में भरोसा जगाएँ।"

‘दिल्ली के अस्पतालों में कुछ ही घंटे का ऑक्सीजन बाकी’, केजरीवाल ने हाथ जोड़कर कहा- ‘मोदी सरकार जल्द करे इंतजाम’

“दिल्ली में ऑक्सीजन की भारी किल्लत है। मैं फिर से केंद्र से अनुरोध करता हूँ दिल्ली को तत्काल ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए। कुछ ही अस्पतालों में कुछ ही घंटों के लिए ऑक्सीजन बची हुई है।”

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।

यूपी में दूसरी बार बिना मास्क धरे गए तो ₹10,000 जुर्माने के साथ फोटो भी होगी सार्वजनिक, थूकने पर 500 का फटका

उत्तर प्रदेश में पब्लिक प्लेस पर थूकने वालों के खिलाफ सख्ती करने का आदेश जारी किया गया है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति पब्लिक प्लेस में थूकते हुए पकड़ा गया तो उस पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

प्रचलित ख़बरें

‘सुअर के बच्चे BJP, सुअर के बच्चे CISF’: TMC नेता फिरहाद हाकिम ने समर्थकों को हिंसा के लिए उकसाया, Video वायरल

TMC नेता फिरहाद हाकिम का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। इसमें वह बीजेपी और केंद्रीय सुरक्षा बलों को 'सुअर' बता रहे हैं।

रेमडेसिविर खेप को लेकर महाराष्ट्र के FDA मंत्री ने किया उद्धव सरकार को शर्मिंदा, कहा- ‘हमने दी थी बीजेपी को परमीशन’

महाविकास अघाड़ी को और शर्मिंदा करते हुए राजेंद्र शिंगणे ने पुष्टि की कि ये इंजेक्शन किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उन्हें भाजपा नेताओं ने भी इसके बारे में आश्वासन दिया था।

हाँ, हम मंदिर के लिए लड़े… क्योंकि वहाँ लाउडस्पीकर से ऐलान कर भीड़ नहीं बुलाई जाती, पेट्रोल बम नहीं बाँधे जाते

हिंदुओं को तीन बातें याद रखनी चाहिए, और जो भी ये मंदिर-अस्पताल की घटिया बाइनरी दे, उसके मुँह पर मार फेंकनी चाहिए।

‘मई में दिखेगा कोरोना का सबसे भयंकर रूप’: IIT कानपुर की स्टडी में दावा- दूसरी लहर कुम्भ और रैलियों से नहीं

प्रोफेसर मणिन्द्र और उनकी टीम ने पूरे देश के डेटा का अध्ययन किया। अलग-अलग राज्यों में मिलने वाले कोरोना के साप्ताहिक आँकड़ों को भी परखा।

‘भारत में कोरोना के डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाला’: मीडिया द्वारा बनाए जा रहे ‘डर के माहौल’ का FactCheck

'ब्लूमबर्ग' की रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत के इस डबल म्यूटेशन ने दुनिया को चिंता में डाल दिया है। जानिए क्या है इसके पीछे की सच्चाई।

पत्रकारिता का पीपली लाइवः स्टूडियो से सेटिंग, श्मशान से बरखा दत्त ने रिपोर्टिंग की सजाई चिता

चलते-चलते कोरोना तक पहुँचे हैं। एक वर्ष पहले से किसी आशा में बैठे थे। विशेषज्ञ को लाकर चैनल पर बैठाया। वो बोला; इतने बिलियन संक्रमित होंगे। इतने मिलियन मर जाएँगे।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,390FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe