Friday, May 14, 2021
Home रिपोर्ट मीडिया द टेलीग्राफ को प्रेस परिषद ने भेजा कारण बताओ नोटिस, वापमंथी अख़बार ने राष्ट्रपति...

द टेलीग्राफ को प्रेस परिषद ने भेजा कारण बताओ नोटिस, वापमंथी अख़बार ने राष्ट्रपति कोविंद को बताया था वायरस

प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था और पत्रकारिता आचरण के मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए द टेलीग्राफ के संपादक को नोटिस भेजा।

भारतीय प्रेस परिषद ने बंगाल से छपने वाले वामी अखबार ‘द टेलीग्राफ’ को कारण बताओ नोटिस जारी किया। द टेलीग्राफ को ये नोटिस राष्ट्रपति के नाम की तुलना कोरोना वायरस के साथ करने के कारण दिया गया। मंगलवार (मार्च 17, 2020) को जारी प्रेस रिलीज के अनुसार परिषद ने 17 मार्च 2020 को अखबार में प्रकाशित हुई एक हेडलाइन पर संज्ञान लेते हुए ये एक्शन लिया।

इस हेडलाइन में वामी समाचार पत्र ने ‘व्यंग्यात्मक’ शैली का इस्तेमाल करते हुए नियमों का उल्लंघन किया था। जिसके बाद पत्रकारिता नियमों के उल्लंघन के आरोप में ये नोटिस जारी किया गया।

प्रेस रिलीज

जानकारी के अनुसार, प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने इस मुद्दे पर संज्ञान लिया था और पत्रकारिता आचरण के मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए द टेलीग्राफ के संपादक को नोटिस भेजा।

प्रेस काउंसिल ने लिखा कि देश के प्रथम नागरिक (राष्ट्रपति कोविंद) पर व्यंग्यात्मक टिप्पणियाँ, उपहास और उन्हें नीचा दिखाने की बात गैरजरूरी होने के साथ-साथ पत्रकारिता के उचित प्रतिमानों के विपरीत जाती हैं।

गौरतलब है राष्ट्रपति कोविंद ने सोमवार को पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया था। जिसके बाद वामपंथियों में हलचल मच गई और वे पूर्व सीजेआई के फैसलों को इससे जोड़कर देखने लगे। इस बीच कल मंगलवार को नफरत की हर सीमा पार करते हुए द टेलीग्राफ ने पत्रकारिता की गरिमा को ताक पर रख दिया और प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ही वायरस कह दिया। 

हालाँकि, इस हेडलाइन को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए। उन्होंने इसे दलित समुदाय का अपमान बताया और राष्ट्रपति कोविंद को अपना दलित नेता। लोगों ने लिखा लिबरलों को दलित से इतनी घृणा है कि राष्ट्रपति की तुलना वायरस से कर सकते हैं तो फिर दलितों के लिए इनकी सोच क्या होगी। एक ने लिखा कि सिर्फ लिबरल ही राष्ट्रपति की तुलना घातक वायरस से कर सकते हैं। 

इसके बाद इस मामले ने कल बहुत तूल पकड़े रखा और अंत में प्रेस परिषद के संज्ञान में ये मामला आया। प्रेस परिषद ने इस प्रयोग के लिए द टेलीग्राफ को फटकार लगाई और उससे ऐसी हरकत करने के पीछे की वजह को पूछा।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

…क्यूँकि ये बंगाल है: पहले लेफ्ट-अब TMC, वही किया जिसका सावरकर को दशकों पहले हो गया था एहसास

आज जो बंगाल में हो रहा है, वह बंगाल के लिए नया नहीं है। पर बीजेपी के लिए नया है। हिंसा के रास्ते वर्चस्व कायम की राजनीति का अंत कब?

रॉकेट हमले में मारी गई केरल की सौम्या के परिवार की देखरेख करेगा इजरायल, हमास पर दोतरफा वार की तैयारी

इजरायल ने सौम्या के परिवार को मुआवजा देने और उनका खर्च उठाने का फैसला किया है। शव लाने का इंतजाम किया जा रहा है।

UP में होम आइसोलेशन में भी ऑक्सीजन सिलिंडर, CM योगी का आदेश: 24 घंटों में 3471 मरीजों को फायदा

यूपी में ऑक्सीजन की कमी को पूरी तरह दूर कर दिया गया है। ऑक्सीजन लाने के लिए 64 ऑक्सीजन टैंकर थे, जो अब बढ़कर 89 ऑक्सीजन टैंकर हो गए हैं।

मुस्लिम तुष्टिकरण यह भी: एक महिला मार दी गई और CM ‘आतंकियों’ को ‘उग्रवादी’ तक नहीं कह सकता

इसी पोलिटिकल करेक्टनेस में मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तानी चैनल पर मोदी सरकार के बारे में कहा कि उन्हें हटाइए, हमें ले आइए।

ऑडिट का आदेश होते ही दिल्ली में ऑक्सीजन की डिमांड गिरी: सरप्लस थ्योरी से बचेगी केजरीवाल सरकार की गर्दन?

सक्रिय मामले 75000 थे तो दिल्ली सरकार 700 MT ऑक्सीजन माँग रही थी। जब सक्रिय मामले 83000 हैं तो बता रही कि केवल 582 MT की ही जरूरत है।

1600 रॉकेट-600 टारगेट: हमास का युद्ध विराम प्रस्ताव ठुकरा बोला इजरायल- अब तक जो न किया वो करेंगे

संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे जा चुके हैं। जवाब में गाजा में उसने करीब 600 ठिकानों को निशाना बनाया है।

प्रचलित ख़बरें

हिरोइन है, फलस्तीन के समर्थन में नारे लगा रही थीं… इजरायली पुलिस ने टाँग में मारी गोली

इजरायल और फलस्तीन के बीच चल रहे संघर्ष में एक हिरोइन जख्मी हो गईं। उनका नाम है मैसा अब्द इलाहदी।

1600 रॉकेट-600 टारगेट: हमास का युद्ध विराम प्रस्ताव ठुकरा बोला इजरायल- अब तक जो न किया वो करेंगे

संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायल पर 1600 से ज्यादा रॉकेट दागे जा चुके हैं। जवाब में गाजा में उसने करीब 600 ठिकानों को निशाना बनाया है।

इजरायल पर हमास के जिहादी हमले के बीच भारतीय ‘लिबरल’ फिलिस्तीन के समर्थन में कूदे, ट्विटर पर छिड़ा ‘युद्ध’

अब जब इजरायल राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहा है तो जहाँ भारतीयों की तरफ से इजरायल के साथ खड़े होने के मैसेज सामने आ रहे हैं, वहीं कुछ विपक्ष और वामपंथी ने फिलिस्तीन के साथ एक अलग रास्ता चुना है।

इजरायल पर इस्लामी गुट हमास ने दागे 480 रॉकेट, केरल की सौम्या सहित 36 की मौत: 7 साल बाद ऐसा संघर्ष

फलस्तीनी इस्लामी गुट हमास ने इजरायल के कई शहरों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे। गाजा पट्टी पर जवाबी हमले किए गए।

फिलिस्तीनी आतंकी ठिकाने का 14 मंजिला बिल्डिंग तबाह, ईद से पहले इजरायली रक्षा मंत्री ने कहा – ‘पूरी तरह शांत कर देंगे’

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “ये केवल शुरुआत है। हम उन्हें ऐसे मारेंगे, जैसा उन्होंने सपने में भी न सोचा हो।”

‘मर जाओ थंडर वुमन’… इजराइल के समर्थन पर गैल गैडोट पर टूटे कट्टरपंथी, ‘शाहीन बाग की दादी’ के लिए कभी चढ़ाया था सिर पर

इजराइल-हमास और फिलिस्तीनी इस्लामी जिहादियों में जारी लड़ाई के बीच हॉलीवुड में "थंडर वुमन" के नाम से जानी जाने वाली अभिनेत्री गैल गैडोट पर...
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,370FansLike
93,429FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe