Homeरिपोर्टमीडियालाइव कैमरे पर ही पत्रकार को पकड़ के ले गई बंगाल पुलिस, संदेशखाली की...

लाइव कैमरे पर ही पत्रकार को पकड़ के ले गई बंगाल पुलिस, संदेशखाली की पीड़िताओं की आवाज़ उठाने की सज़ा: BJP बोली – निरंकुशता का दूसरा नाम ममता बनर्जी

सत्या कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निरंकुशता की पर्यायवाची बन गई हैं। उन्होंने बताया कि सन्तु पान परिश्रम पूर्वक संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं के लिए आवाज़ उठा रहे थे।

पश्चिम बंगाल में ‘रिपब्लिक बांग्ला’ टीवी न्यूज़ चैनल के पत्रकार सन्तु पान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो नॉर्थ 24 परगना के संदेशखाली में महिलाओं के बलात्कार के आरोपों को लेकर मुखर थे और लगातार रिपोर्टिंग कर रहे थे। संदेशखाली का गुनहगार शाहजहाँ शेख अब तक फरार है। राशन घोटाले में फँसे TMC नेता को पकड़ने गई ED (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम पर हमला हुआ था, उसके बाद उसके गुंडों पर यौन शोषण के आरोप लगे। महिलाओं का कहना है कि गुंडे सुंदर स्त्रियों को उठा कर ले जाते थे, फिर ‘संतुष्ट’ होने के बाद छोड़ देते थे।

वीडियो में देखा जा सकता है कि सन्तु पान को लाइव कवरेज के दौरान ही पश्चिम बंगाल पुलिस ने पकड़ लिया। उन्हें दोनों तरफ से 2 पुलिस वालों ने पकड़ा और फिर टोटो (ई-रिक्शा) में बिठा कर ले गए। इस दौरान भी वो लगातार रिपोर्टिंग करते रहे। लोग इस निडर रिपोर्टिंग के लिए उनकी तारीफ़ कर रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि गिरफ्तार कर के ई-रिक्शा में बिठाए जाने के बावजूद उन्होंने रिपोर्टिंग नहीं रोकी और कैमरे की तरफ देख कर बोलते रहे।

भाजपा ने भी बंगाल पुलिस की इस करतूत पर कड़ी आवाज़ उठाई है। पार्टी के महासचिव और अंडमान-निकोबार में प्रभारी सत्या कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी निरंकुशता की पर्यायवाची बन गई हैं। उन्होंने बताया कि सन्तु पान परिश्रम पूर्वक संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं के लिए आवाज़ उठा रहे थे। उन्होंने पूछा कि आखिर सीएम सच के बाहर आने से इतनी भयभीत क्यों हैं? पश्चिम बंगाल भाजपा ने भी इस कदम की कड़ी निंदा की है।

पश्चिम बंगाल भाजपा ने कहा, “संदेशखाली में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अत्याचारों का खुलासा करने वाले बहादुर पत्रकार सन्तु पान को पुलिस के भेष में ममता के गुंडों ने गिरफ्तार कर लिया। यह कायरतापूर्ण कृत्य ममता बनर्जी के शासन क्या है इसके बारे में उजागर करता है। ये एक तानाशाही है जो असहमति को कुचलती है और अपराधियों की रक्षा करती है।” संदेशखाली पहुँचीं NCW अध्यक्ष रेखा शर्मा को पकड़ के कई महिलाएँ रोने लगीं, उन्हें लेकर थाने पहुँच कर शिकायत दर्ज कराई गई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -