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मुहर्रम में गलत रास्ते से निकाला ताजिया, विरोध कर रहे हिंदुओं पर 100+ मुस्लिम कट्टरपंथियों का हमला: बरेली में 5 घायल, एक की हालत गंभीर

इससे पहले बरेली के ही अलीगंज कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। जुलूस में हाई पावर का डीजे बजाने को लेकर हिंदू पक्ष ने आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि जुलूस के दौरान नई परंपरा डाली जा रही है और यह नियम के खिलाफ है। इस पर लोगों ने बीच रास्ते से डीजे नहीं निकलने की बात कही। करीब आधा घंटे तक जुलूस रोककर रखा।

मुस्लिम के मुहर्रम का महीना चल रहा है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में फिलिस्तीन के झंडे फहराने, डीजे बजाने को लेकर विवाद करने और हिंदुओं पर हमले के मामले सामने आए हैं। बरेली में डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद अब हिंदुओं के घरों पर हमला कर दिया गया। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। ये हिंदू मुहर्रम का जुलूस गलत रास्ते से निकालने का विरोध कर रहे थे।

मामला बरेली के थाना शाही के गौसगंज गाँव का है। दरअसल, शुक्रवार (19 जुलाई 2024) को यहाँ के एक इलाके में मुहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। यह जुलूस हर साल निकलने वाले रास्ते से हटकर हिंदुओं के के इलाके ले जाया जा रहा था। नया रिवाज स्थापित करने पर हिंदुओं ने इसका विरोध किया और कहा कि जिस रास्ते से पहले जुलूस जाया करता था, उसी रास्ते का इस्तेमाल करो।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार (19 जुलाई 2024) की रात को रंजिश में आकर मुस्लिम युवाओं ने टॉर्च की रोशनी में हिंदू परिवार के लोगों की गिनती की। इसके बाद 100 से अधिक हमलावर घर में घुस गए। इस दौरान हमलावरों ने पथराव, तोड़फोड़ और घर के लोगों से मारपीट की। हमले में पाँच लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से एक हालत गंभीर बताई जा रही है।

सूचना मिलते मिलने पर जिले के एसपी मानुस पारीक भी वहाँ पहुँच गए। उन्होंने घटनास्थल पर पहुँचकर कई थानों की पुलिस फोर्स बुलाई। पुलिस फोर्स को देखकर आरोपितों में भगदड़ मच गई और वे भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी करके 10 मुस्लिमों को पकड़ लिया और उनसे पूछताछ के लिए थाने ले आए। इस मामले में 40 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि इससे पहले बरेली के ही अलीगंज कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान जमकर हंगामा हुआ था। जुलूस में हाई पावर का डीजे बजाने को लेकर हिंदू पक्ष ने आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि जुलूस के दौरान नई परंपरा डाली जा रही है और यह नियम के खिलाफ है। इस पर लोगों ने बीच रास्ते से डीजे नहीं निकलने की बात कही। करीब आधा घंटे तक जुलूस रोककर रखा।

मुस्लिम पक्ष का कहना था कि यह डीजे उन्होंने 90 रुपए देकर लिया है। इस पर हिंदू समुदाय के लोगों ने कहा कि वे आपस में चंदा करके डीजे का भाड़ा देंगे, लेकिन डीजे बजाने की नई परंपरा नहीं शुरू होनी चाहिए। उसके बाद एसपी ने मामले को शांत करते हुए डीजे निकलवाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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