Sunday, April 14, 2024
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मुस्लिम महिलाओं ने PM मोदी को भेजी राखी, मौलाना हुए आगबबूला

"राखी पाक रिश्ता बनाती है, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम। मोदी ने हम लोगों के दर्द को समझा है। तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है। पूरे देश की मुस्लिम महिलाओं को उन्हें राखी भेजनी चाहिए।”

तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ क़ानून बनने से मुस्लिम महिलाओं में ख़ुशी का माहौल है। इसके लिए आभार जताते हुए वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने क्षेत्रीय सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से बनी राखी भेजी है। मुस्लिम महिलाओं की इस भावना की जहाँ एक तरफ़ सराहना हो रही है, तो वहीं दूसरी तरफ मौलाना आगबबूला हो गए हैं। उन्होंने इसे ‘सस्ते प्रचार का तरीका’ करार दिया है।

मोदी के प्रति अपनी भावना व्यक्त करते हुए मुस्लिम महिलाओं ने कहा है कि उन्होंने तीन तलाक़ के दंश से हमें जो आज़ादी दिलाई है, वो केवल एक भाई ही कर सकता है। अपने भाई (पीएम मोदी) के लिए हम बहनें उन्हें अपने हाथों से राखी बनाकर भेज रही हैं। एक महिला ने कहा, “मोदी जी ने हमारी दयनीय हालत को खत्म किया है। आने वाली महिलाएँ भी तीन तलाक से बच सकती हैं। इसी कारण हम लोगों ने यह पवित्र बंधन राखी भेजी।”

राखी बनाने वाली रामापुरा की हुमा का कहना है,“मोदी ने तीन तलाक जैसी कुरीति को खत्म करवाया। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद होने के साथ ही साथ देश की सभी मुस्लिम महिलाओं के बड़े भाई हैं। अपने भाई के लिए हम बहनों ने राखी तैयार की है।” उन्होंने कहा कि जैसा अभी तक अच्छा काम हुआ है, वैसे आगे भी होता रहेगा।

पीएम मोदी की तस्वीर वाली राखी तैयार करती मुस्लिम महिलाएँ (तस्वीर सौजन्य: चौथी दुनिया)

तीन तलाक़ के संदर्भ में उन्होंने कहा, “हमारे मन से तीन तलाक़ का ख़ौफ़ कम हो गया है। आने वाले समय में सारा डर ख़त्म हो जाएगा।” समाजसेवी हुमा बानो ने कहा,

“राखी पाक रिश्ता बनाती है, चाहे हिंदू हो या मुस्लिम। भाई-बहन का रिश्ता नायाब होता है। मोदी ने हम लोगों के दर्द को समझा है। तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है। पूरे देश की मुस्लिम महिलाओं को उन्हें राखी भेजनी चाहिए। मौलाना इससे बेवजह नाराज हो रहे हैं। यह एक प्रेम बंधन है। यह बहुत पाक बंधन है। बुरे वक्त में मोदी जी ने हमारा साथ दिया है। इससे बड़ा उपहार हमारे लिए क्या हो सकता है।”

वहीं, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष मतीन ख़ान ने कहा, “आरएसएस का अनुषांगिक संगठन मुस्लिम मंच इस तरह की हरक़तें करवा रहा है। वे नक़ाब और टोपी पहनकर इस तरह की हरक़तें करते हैं, जिससे मुस्लिमों में आपस में बगावत हो। इसमें किराए पर लाए गए मुस्लिम भी होते हैं। ये बिकाऊ माल सत्ताधारी लोगों के दबाव में ऐसा काम कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि कुछ लोग पीएम मोदी को ख़त भेजेंगे और फिर उसका प्रचार करेंगे। इस तरह की हरक़त वे सिर्फ़ सत्ता के प्रचार के लिए करते हैं। इसमें राखी भिजवाना भी शामिल है।

शैखू आलम साबरिया चिश्चितिया मदरसा के मौलाना इस्तिफाक कादरी ने कहा कि राखी भेजने का तरीका केवल एक दिखावा है। इसके पीछे सिर्फ़ राजनीति है। मुस्लिम महिलाओं की और भी समस्याएँ हैं सरकार को उन पर भी ध्यान देना चाहिए।

ऑल इंडिया महिला मुस्लिम लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर का कहना है कि राखी भेजने में किसी को क्या परेशानी होगी। तीन तलाक जैसी कुप्रथा के बारे में लोगों को जागरूक करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सबका अपना-अपना नज़रिया है। सबको अपनी-अपनी आज़ादी का इस्तेमाल करने का अधिकार है। हमारे मुल्क़ में ये सब चीजें होनी जरूरी हैं। इससे सांझी संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है और साथ ही यह एक अच्छा कदम भी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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