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भारतीय सेना के कर्नल, मेजर और J&K पुलिस के DSP बलिदान, अनंतनाग में आतंकियों के साथ भीषण मुठभेड़: Pak के आतंकी संगठन ने ली जिम्मेदारी

पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े 'रेसिस्टेंस फ्रंट' को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। उसने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में भारतीय सेना और आतंकियों के बीच बड़ी मुठभेड़ हुई है। कई घंटों पर चली मुठभेड़ में 2 आतंकियों को मार गिराया गया है। वहीं भारत के 3 जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए। ये मुठभेड़ कोकरनाग इलाके में कई घंटों तक चली। मंगलवार (12 सितंबर, 2023) की शाम को ही वहाँ आतंकियों के मौजूद होने की खबर के बाद भारतीय सेना ने तलाशी अभियान चलाना शुरू किया। गाडोले क्षेत्र में भी जवान पहुँचे, लेकिन रात हो जाने के कारण अभियान को रोक दिया गया था।

वहीं बुधवार की सुबह फिर से आतंकियों की तलाश के लिए अभियान चलाया गया। इसी बीच जवानों ने खोज निकाला कि आतंकी कहाँ छिपे हुए हैं। इस दौरान भारतीय सेना के एक कर्नल जवानों का नेतृत्व कर रहे थे। उन्होंने आतंकियों पर हमला किया, लेकिन गोलीबारी में बुरी तरह घायल हो गए। भीषण गोलीबारी में भारतीय सेना के मेजर रैंक के एक अधिकारी और जम्मू कश्मीर पुलिस के एक DSP भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इन तीनों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

वहीं डॉक्टरों ने इन तीनों को मृत घोषित कर दिया। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़े ‘रेसिस्टेंस फ्रंट’ को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया जा रहा है। उसने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है। कर्नल मनप्रीत सिंह भारतीय सेना के 19RR के CO (कमांडिंग ऑफिसर) थे। श्रीनगर में भारतीय सेना के 92 बेस अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके अलावा मेजर आशीष ढोंचक और डीएसपी हुमायूँ भट ने देश के लिए बलिदान दे दिया।

सिर्फ अनंतनाग ही नहीं, बल्कि एक ही दिन पहले राजौरी में भी आतंकियों और भारतीय सेना में मुठभेड़ हुई, जिसमें ‘केंट’ नाम की एक फीमेल डॉगी बलिदान हो गई। कर्नल मनप्रीत सिंह ’19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट’ के नेतृत्व कर रहे थे। वहीं हुमायूँ भट्ट के शरीर से काफी खून बह गया था, इसी कारण उनकी मृत्यु हो गई। घायलों की मदद के लिए घटनास्थल पर हेलीकॉप्टर भेजा गया है। सेना और पुलिस के कई बड़े अधिकारी ग्राउंड पर मौजूद हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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