Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाश्रीनगर में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले में 2 जवान वीरगति को प्राप्त, 1 घायल:...

श्रीनगर में सुरक्षाबलों पर आतंकी हमले में 2 जवान वीरगति को प्राप्त, 1 घायल: आतंकियों की तलाश जारी

आतंकवादियों ने शुक्रवार सुबह श्रीनगर शहर के गुलशन चौक नौगाम इलाके में एक गश्ती पार्टी पर गोलीबारी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों को पीसीआर अस्पताल श्रीनगर ले जाया गया, जहाँ उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया।

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर भारतीय सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है जिसमें 2 जवान वीरगति को प्राप्त हुए हैं, जबकि एक जवान घायल है। शुक्रवार (अगस्त 14, 2020) सुबह श्रीनगर के बाहरी इलाके में नौगाम बाईपास पर आतंकियों ने पुलिस पार्टी पर हमला किया। इस आतंकी हमले के पीछे कौनसा आतंकी संगठन जिम्मेदार है, इस बारे में अभी जानकारी आनी बाकी हैं।

पुलिस ने एक ट्वीट में लिखा, “आतंकवादियों ने नौगाम बाईपास के पास पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।”

आतंकवादियों ने शुक्रवार सुबह श्रीनगर शहर के गुलशन चौक नौगाम इलाके में एक गश्ती पार्टी पर गोलीबारी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, घायल पुलिसकर्मियों को पीसीआर अस्पताल श्रीनगर ले जाया गया, जहाँ उनमें से दो को मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पहचान 715 आईआरपी 20 बटालियन के इश्फाक अयूब और 307 आईआरपी 20 बटालियन के फैयाज अहमद के रूप में की गई है।

इन दो के अलावा, तीसरे जवान के दाहिने हाथ में गोली लगने से घायल हुए सिपाही की पहचान सेलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मुहम्मद अशरफ के रूप में हुई है। घटना के बाद इस इलाके को बंद कर दिया गया है और तलाशी अभियान जारी है।

हाल ही में आतंकियों ने बारामूला के सोपोर में एक सेना की पेट्रोलिंग पार्टी को निशाना बनाया था, जिसमें एक जवान के घायल होने की सूचना सामने आई थी। आतंकवादियों ने सेना, CRPF और पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी पर ह्यागम में एक होटल के पास फायरिंग की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी फायर किया, लेकिन आतंकवादी वहाँ से भागने में सफल रहे। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -