Saturday, July 13, 2024
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स्कॉटलैंड में खालिस्तानियों ने भारतीय उच्चायुक्त को गुरुद्वारा में घुसने से रोका, कहा – ‘ब्रिटेन के किसी भी गुरुद्वारे में भारतीय अधिकारियों का स्वागत नहीं’

27 सितंबर 2023 को समाचार एजेंसी PTI ने एक सूत्र के हवाले से बताया था कि कनाडा में स्थित खालिस्तान समर्थक तत्व भोले-भाले सिख युवाओं को वीजा प्रायोजित कर वहाँ बुला रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य कनाडाई धरती पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करना है।

खालिस्तान के खिलाफ भारत द्वारा वैश्विक स्तर पर लिए स्टैंड से इसके आतंकी बौखला गए हैं। UK के स्कॉटलैंड में खालिस्तान समर्थक सिखों ने भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दुरईस्वामी को गुरुद्वारा में प्रवेश करने से रोक दिया। खालिस्तान समर्थकों ने शुक्रवार (29 सितंबर 2023) को अंजाम दी गई इस घटना में उच्चायुक्त को कार से नीचे उतरने ही नहीं दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दोरईस्वामी जब अल्बर्ट ड्राइव पर स्थित ग्लासगो गुरुद्वारा के पास पहुँचे कट्टरपंथी ब्रिटिश सिख कार्यकर्ताओं के एक समूह ने घेर लिया कहा। इस दौरान उन्होंने ‘आपका स्वागत नहीं है (You are not welcome) के नारे लगाए। कुछ देर रुकने के बाद दुरईस्वामी वहाँ से चले गए।

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए एक खालिस्तान समर्थक सिख ने कहा कि उनमें से कुछ को पता चला कि दोराईस्वामी ने अल्बर्ट ड्राइव पर ग्लासगो गुरुद्वारा की गुरुद्वारा समिति के साथ एक बैठक की योजना बनाई है। इसके बाद खालिस्तानी सिखों का एक समूह वहाँ पहुँच गया और उन्हें गुरुद्वारा में घुसने से रोक दिया।

उस व्यक्ति का कहना था, “मुझे नहीं लगता कि जो कुछ हुआ, उससे गुरुद्वारा समिति बहुत खुश है। हालाँकि, ब्रिटेन के किसी भी गुरुद्वारे में भारतीय अधिकारियों का स्वागत नहीं है।” उसने आगे कहा, “हम यूके-भारत की मिलीभगत से तंग आ चुके हैं। हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से हालिया तनाव के कारण ब्रिटिश सिखों को निशाना बनाया जा रहा है। अवतार सिंह खंडा और जगतार सिंह जोहल के साथ भी ऐसा ही हुआ है।”

सामने आए वीडियो में भारतीय उच्चायुक्त को लंगर परोसने के लिए टेबल लगाया गया था और उस पर सफेद चादर बिछाए गए थे। इस दौरान एक सिख कार्यकर्ता वीडियो बना रहे व्यक्ति को रोकने की कोशिश करता है।

इस बीच, सूत्रों ने बुधवार (27 सितंबर 2023) को समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि कनाडा में स्थित खालिस्तान समर्थक तत्व भोले-भाले सिख युवाओं को वीजा प्रायोजित कर वहाँ बुला रहे हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य कनाडाई धरती पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए उनका उपयोग करना है।

बता दें कि ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में खालिस्तान समर्थक सिखों द्वारा भारतीय राजनयिकों को धमकाने और सड़कों पर बवाल करने के साथ-साथ हिंदुओं को पिटने एवं मंदिरों में तोड़फोड़ में शामिल रहे हैं। इसको लेकर NIA जाँच भी कर रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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