Saturday, July 4, 2020
Home रिपोर्ट राष्ट्रीय सुरक्षा झारखंड फिर दहला लाल आतंक से, नक्सल आतंकियों ने की पाँच पुलिस वालों की...

झारखंड फिर दहला लाल आतंक से, नक्सल आतंकियों ने की पाँच पुलिस वालों की हत्या

पुलिस टीम तिरुलडीह पुलिस थाने के पास स्थित कुडू बाज़ार जैसे ही पहुँची, वहाँ पहले से मौजूद माओवादियों के दस्ते ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। पाँच पुलिसकर्मी मारे गए और चालक सुकलाल कुदड़ा ने भाग कर अपनी जान की हिफाज़त की।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

लगातार सिमटता जा रहा माओवाद झारखंड में फिर सर उठाने की कोशिश कर रहा है। वामपंथी चरमपंथियों ने हमला कर 3 कॉन्स्टेबलों और 2 सब-इंस्पेक्टरों की हत्या कर दी है। सरायकेला-खरसावां जिले में हुए इस हमले में पुलिस के हथियार भी लूट लिए। हमला तब हुआ जब पुलिस टीम स्थानीय साप्ताहिक बाजार में तलाशी अभियान चलाने के लिए जा रही थी।

अपने आतंकवाद के समर्थन में नारे भी लगाए

पुलिस टीम तिरुलडीह पुलिस थाने के पास स्थित कुडू बाज़ार जैसे ही पहुँची, वहाँ पहले से मौजूद माओवादियों के दस्ते ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। पाँच पुलिसकर्मी मारे गए और चालक सुकलाल कुदड़ा ने भाग कर अपनी जान की हिफाज़त की। इस नृशंस हत्याकांड के बाद पाँच से दस मोटरसाइकिलों पर सवार नक्सल आतंकियों ने ‘माओवाद जिंदाबाद’ और ‘नक्सलवाद जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। हमले के बाद उन्होंने हथियार लूटे और नारे लगाते हुए फरार हो गए। प्रत्यक्षदिर्शियों के अनुसार नक्सली बुंडू क्षेत्र की तरफ भागे थे

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 28 मई के हमले में घायल जवान की मृत्यु

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि समस्त राज्यवासी और सरकार हमले के हताहतों के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस हमले से राज्य के सुरक्षाकर्मी विचलित नहीं होंगे और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने घटना के पीछे कारण वामपंथी आतंकियों की अपनी विचारधारा की अंतिम साँसें लेने से उत्पन्न हताशा को बताया। इस बीच 28 मई को हुए पिछले हमले में घायल कोबरा फ़ोर्स के कांस्टेबल सुनील कलिता की मौत दिल्ली के ईएमएस में हो गई। वह 28 मई को हुए आईईडी धमाके में बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए थे।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ख़ास ख़बरें

दिल्ली दंगों से जाकिर नाइक के भी जुड़े तार, फंड के लिए मिला था खालिद सैफी, विदेशी फंडिंग का स्पेशल सेल को मिला लिंक

खालिद सैफी के पासपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली दंगों की फंडिंग के लिए जाकिर नाइक जैसे कई लोगों से मुलाकात करने के लिए उसने कई देशों की यात्रा की थी।

हिरोशिमा-नागासाकी पर बमबारी के लिए आइंस्टाइन को जिम्मेदार बताने जैसा है जाति व्यवस्था के लिए मनुस्मृति को दोष देना

महर्षि मनु हर रचनाकार की तरह अपनी मनुस्मृति के माध्यम से जीवित हैं, किंतु दुर्भाग्य से रामायण-महाभारत-पुराण आदि की तरह मनुस्मृति भी बेशुमार प्रक्षेपों का शिकार हुई है।

नेपाल के कोने-कोने में होऊ यांगी की घुसपैठ, सेक्स टेप की चर्चा के बीच आज जा सकती है PM ओली की कुर्सी

हनीट्रैप में नेपाल के पीएम ओली के फँसे होने की अफवाहों के बीच उनकी कुर्सी बचाने के लिए चीन और पाकिस्तान सक्रिय हैं। हालॉंकि कुर्सी बचने के आसार कम बताए जा रहे हैं।

योगी राज में विकास दुबे के पीछे पड़ी पुलिस, जंगलराज में खाकी पर गोलियाँ बरसा भी खुल्ला घूमता रहा शहाबुद्दीन

विकास दुबे ने गोलियॉं बरसाई तो 7000 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में लगा दिए गए हैं। यही कारनामा कर कभी शहाबुद्दीन एसपी को खुलेआम धमकी देता रहा और सरकार सोई रही।

गणित शिक्षक रियाज नायकू की मौत से हुआ भयावह नुकसान, अनुराग कश्यप भूले गणित

यूनेस्को ने अनुराग कश्यप की गणित को विश्व की बेस्ट गणित घोषित कर दिया है और कहा है कि फासिज़्म और पैट्रीआर्की के समूल विनाश से पहले ही इसे विश्व धरोहर में सूचीबद्द किया जाएगा।

भारतीय सेना जब भी विदेशी जमीन पर उतरी है, नया देश बनाया है… मुस्कुराइए, धुआँ उठता देखना मजेदार है

भारत-चीन विवाद के बीच प्रधानमंत्री का लेह-लद्दाख पहुँच जाना सेना के लिए कैसा होगा इस बारे में कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है। पुराने दौर में “दिल्ली दूर, बीजिंग पास” कहने वाले तथाकथित नेता पता नहीं किस बिल में हैं। ऐसे मामलों पर उनकी टिप्पणी रोचक होती।

प्रचलित ख़बरें

विकास दुबे को पहले ‘साइकिल’ का सहारा, अब यूपी पुलिस का मजाक बना रहे अखिलेश यादव

विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमले को लेकर पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मजाक बनाने की कोशिश की है।

सुशांत की मौत से करियर सँवारने की कोशिश में स्वरा भास्कर, सहानुभूति पाने के लिए खुद को बताया आउटसाइडर

सुशांत सिंह की मौत से पैदा सहानुभूति का फायदा उठाने के लिए स्वरा भास्कर ने खुद को आउटसाइडर बताया है, जबकि उनकी मॉं सेंसर बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं।

लद्दाख के सबसे दुर्गम स्थान पर निमू में PM मोदी ने की सिंधु पूजा, अयोध्या से भी आया बुलावा

पीएम मोदी शुक्रवार को लद्दाख गए थे। इस दौरान उन्होंने निमू पोस्ट के पास सिंधु दर्शन पूजा की थी। इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं।

दिल्ली दंगों से जाकिर नाइक के भी जुड़े तार, फंड के लिए मिला था खालिद सैफी, विदेशी फंडिंग का स्पेशल सेल को मिला लिंक

खालिद सैफी के पासपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली दंगों की फंडिंग के लिए जाकिर नाइक जैसे कई लोगों से मुलाकात करने के लिए उसने कई देशों की यात्रा की थी।

हिरोशिमा-नागासाकी पर बमबारी के लिए आइंस्टाइन को जिम्मेदार बताने जैसा है जाति व्यवस्था के लिए मनुस्मृति को दोष देना

महर्षि मनु हर रचनाकार की तरह अपनी मनुस्मृति के माध्यम से जीवित हैं, किंतु दुर्भाग्य से रामायण-महाभारत-पुराण आदि की तरह मनुस्मृति भी बेशुमार प्रक्षेपों का शिकार हुई है।

नेपाल के कोने-कोने में होऊ यांगी की घुसपैठ, सेक्स टेप की चर्चा के बीच आज जा सकती है PM ओली की कुर्सी

हनीट्रैप में नेपाल के पीएम ओली के फँसे होने की अफवाहों के बीच उनकी कुर्सी बचाने के लिए चीन और पाकिस्तान सक्रिय हैं। हालॉंकि कुर्सी बचने के आसार कम बताए जा रहे हैं।

Covid-19: भारत में अब तक 625544 संक्रमित, 18213 की जान ले चुका है कोरोना

संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित होने वाला राज्य अभी भी महाराष्ट्र ही बना हुआ है। आज वहाँ 6364 नए मामले आए, जबकि 198 की मौत हुई।

मारा गया मौलाना मुजीब: मुंबई हमलों में था शामिल, कश्मीर में दहशतगर्दी के लिए तैयार करता था आतंकी

मौलाना मुजीब मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का राइट हैंड माना जाता था। उसे कराची में गोली मारी गई।

योगी राज में विकास दुबे के पीछे पड़ी पुलिस, जंगलराज में खाकी पर गोलियाँ बरसा भी खुल्ला घूमता रहा शहाबुद्दीन

विकास दुबे ने गोलियॉं बरसाई तो 7000 पुलिसकर्मी उसकी तलाश में लगा दिए गए हैं। यही कारनामा कर कभी शहाबुद्दीन एसपी को खुलेआम धमकी देता रहा और सरकार सोई रही।

दिल्ली से अफगानिस्तान गए सिख को गुरुद्वारे से अगवा करने वाले हथियारबंद कौन? परिवार ने भू-माफिया का हाथ बताया

शुरुआत में निधान सिंह को अगवा करने के पीछे तालिबान का हाथ होने की बात कही जा रही थी। लेकिन परिवार ने इससे इनकार किया है।

हमसे जुड़ें

234,008FansLike
63,092FollowersFollow
268,000SubscribersSubscribe