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झारखंड फिर दहला लाल आतंक से, नक्सल आतंकियों ने की पाँच पुलिस वालों की हत्या

पुलिस टीम तिरुलडीह पुलिस थाने के पास स्थित कुडू बाज़ार जैसे ही पहुँची, वहाँ पहले से मौजूद माओवादियों के दस्ते ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। पाँच पुलिसकर्मी मारे गए और चालक सुकलाल कुदड़ा ने भाग कर अपनी जान की हिफाज़त की।

लगातार सिमटता जा रहा माओवाद झारखंड में फिर सर उठाने की कोशिश कर रहा है। वामपंथी चरमपंथियों ने हमला कर 3 कॉन्स्टेबलों और 2 सब-इंस्पेक्टरों की हत्या कर दी है। सरायकेला-खरसावां जिले में हुए इस हमले में पुलिस के हथियार भी लूट लिए। हमला तब हुआ जब पुलिस टीम स्थानीय साप्ताहिक बाजार में तलाशी अभियान चलाने के लिए जा रही थी।

अपने आतंकवाद के समर्थन में नारे भी लगाए

पुलिस टीम तिरुलडीह पुलिस थाने के पास स्थित कुडू बाज़ार जैसे ही पहुँची, वहाँ पहले से मौजूद माओवादियों के दस्ते ने उन पर भारी गोलीबारी शुरू कर दी। पाँच पुलिसकर्मी मारे गए और चालक सुकलाल कुदड़ा ने भाग कर अपनी जान की हिफाज़त की। इस नृशंस हत्याकांड के बाद पाँच से दस मोटरसाइकिलों पर सवार नक्सल आतंकियों ने ‘माओवाद जिंदाबाद’ और ‘नक्सलवाद जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। हमले के बाद उन्होंने हथियार लूटे और नारे लगाते हुए फरार हो गए। प्रत्यक्षदिर्शियों के अनुसार नक्सली बुंडू क्षेत्र की तरफ भागे थे

मुख्यमंत्री ने जताया शोक, 28 मई के हमले में घायल जवान की मृत्यु

झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि समस्त राज्यवासी और सरकार हमले के हताहतों के परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि इस हमले से राज्य के सुरक्षाकर्मी विचलित नहीं होंगे और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने घटना के पीछे कारण वामपंथी आतंकियों की अपनी विचारधारा की अंतिम साँसें लेने से उत्पन्न हताशा को बताया। इस बीच 28 मई को हुए पिछले हमले में घायल कोबरा फ़ोर्स के कांस्टेबल सुनील कलिता की मौत दिल्ली के ईएमएस में हो गई। वह 28 मई को हुए आईईडी धमाके में बुरी तरह ज़ख़्मी हो गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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