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भारत के हमलों से डरकर पाकिस्तान ने छिपाए थे युद्धपोत, कराची पोर्ट से हटाकर लड़ाकू जहाजों को ईरान सीमा पर किया तैनात: सैटेलाइट तस्वीरों से खुली पोल

कराची पोर्ट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खाली था लेकिन 08 मई 2025 की सैटेलाइट तस्वीरों में युद्धपोत कमर्शियल कार्गो टर्मिनल पर खड़े दिखे। हल्के बादलों से ढकी इन तस्वीरों में कम से कम चार पाकिस्तानी नेवी जहाज कमर्शियल पोर्ट और कंटेनर टर्मिनल के पास खड़े हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को धूल चटा दी लेकिन पाकिस्तान यह मानने को तैयार नहीं था। अब ऑपरेशन के दौरान की कराची और ग्वादर बंदरगाह की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। इन तस्वीरों में पाकिस्तान नेवी (PN) भारत के हमलों से डरकर ईरान बॉर्डर पर छिपती नजर आ रही है, जिसने पाकिस्तान के दावों की फिर एक बार पोल खोलकर रख दी है।

इंडिया टुडे के ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) टीम ने जुटाई ये सैटेलाइट तस्वीरें 08 मई 2025 की हैं। इससे एक दिन पहले ही 06 और 07 मई 2025 को भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के DGMO को फोन कर बताया कि उनका मिशन पूरा हो गया है।

कराची पोर्ट की सैटेलाइट तस्वीर (फोटो साभार: India Today)

भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान करारा जवाब देने के प्रोपेगेंडा फैलाता गया लेकिन इन सैटेलाइट तस्वीरों से पाकिस्तान का सच सामने आ गया है। तस्वीरों में साफ नजर आता है कि पाकिस्तान नेवी ने कराची में अपने लड़ाकू जहाजों को डॉक से हटाकर कमर्शियल टर्मिनलों पर शिफ्ट कर दिया था।

बाकी दूसरे जहाजों को ईरान की सीमा से मुश्किल से 100 किलोमीटर दूर पाकिस्तान के पश्चिमी बंदरगाह ग्वादर में छिपाए गए थे। पाकिस्तान को डर था कि कहीं भारत फिर कराची बंदरगाह को तबाह ना कर दे। जैसे भारत ने 04 दिसंबर 1971 को ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत कराची बंदरगाह पर हमला किया था, जिससे बंदरगाह 7 दिनों तक आग और धुएँ की लपटों से घिरा रहा था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कराची पोर्ट ऑपरेशन सिंदूर के दौरान खाली था लेकिन 08 मई 2025 की सैटेलाइट तस्वीरों में युद्धपोत कमर्शियल कार्गो टर्मिनल पर खड़े दिखे। हल्के बादलों से ढकी इन तस्वीरों में कम से कम चार पाकिस्तानी नेवी जहाज कमर्शियल पोर्ट और कंटेनर टर्मिनल के पास खड़े हैं।

इसमें PNS अलमगीर, एक बाबर-क्लास कोरवेट और एक डेमन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) शामिल थे, जो कार्गो जहाज के पास खड़े थे। यहीं कंटेनर लोड-अनलोड हो रहे थे। एक और नेवी प्रिगेट कंटेनर टर्मिनल पर था ना कि पाकिस्तान नेवी के गोदाम पर।

इस बारे में इंडिया टुडे से बात करते हुए 1971 कराची पोर्ट हमले में शामिल भारतीय नौसेना के पूर्व अफसर कमांडर-इन-चीफ, वाइस एडमिरल एससी सुरेश बंगारा ने कहा, “पाकिस्तान ने कमर्शियल पोर्ट में अपने जहाज खड़े किए। यह भारत के मिसाइल हमलों से बचने की कोशिश का संकेत है। कमर्शियल फ्लाइट के पास अपने सैन्य विमानों को उड़ाने से पता लगता है कि पाकिस्तान अपने सिविलियन संपत्तियों को खतरे में डालने को तैयार हैं।”

रिटायर्ड नौसेना अफसर कहते हैं, “ग्वादर, जहाँ कमर्शियल गतिविधियाँ नहीं थीं। वहाँ अग्रिम पंक्ति के जहाजों को रखना गलत था क्योंकि वे आसानी से नजर आते थे। ऐसा लगता है कि समुद्र में पाकिस्तान की एकमात्र ताकत उनकी पनडुब्बियाँ थीं।”

पाकिस्तान पत्रकार ने अपने मुल्क की पोल खोली

पाकिस्तान के पत्रकार नजम सेठी ने भी अपने ही मुल्क की पोल खोलकर रख दी। एक पाक मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में नजम सेठी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान के कैंप और एयरबेस में मिसाइल हमले किए, लेकिन पाकिस्तान इस पर जवाबी कार्रवाई करने में असमर्थ रहा।

नजम सेठी पाकिस्तान फौज की नाकामियाँ बताते हुए कहते हैं, “आपके (पाकिस्तान) पास कोई S-400 तरीके की मिसाइल नहीं है। भारत ने आपके (पाकिस्तान) एयरबेस और कथित फ्रीडम फाइटर के कार्यालय को उड़ा दिया और आप कुछ नहीं कर सके। पाकिस्तान के पास भारत जितनी क्षमता नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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