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तमिलनाडु की प्राइवेट कंपनी में दिहाड़ी मजदूरी कर रहे थे बांग्लादेशी, पुलिस ने 7 को किया गिरफ्तार: उनके पास से आधार बरामद, कई संदिग्धों की निगरानी

पुलिस ने आगे बताया, "प्रारंभिक जाँच के आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत 13 लोगों को उचित दस्तावेजों के बिना क्षेत्र में रहने के संदेह में हिरासत में लिया। इसके बाद सभी को पुलिस स्टेशन लाया गया। जाँच में पुष्टि हुई कि मोनिरा और मेगामुथा समेत सात लोग उचित दस्तावेजों के बिना भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। जाँच के बाद बुधवार को सभी सातों को गिरफ्तार कर लिया गया।"

बांग्लादेशी घुसपैठिए देश के कोने-कोने में फैल चुके हैं। समय-समय पर विभिन्न राज्यों की पुलिस इनकी पहचान करके गिरफ्तार कर रही है। तमिलनाडु के इरोड में पुलिस ने 7 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी बिना किसी कागजात के अवैध रूप से वहाँ रह रहे थे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके अलावा और कौन-कौन से घुसपैठिए यहाँ छिपे हुए हैं।

इरोड जिले की पुलिस ने बुधवार (19 जून 2024) को जिन सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया, वे पेरुंदुरई के पणिक्कम्पालयम में रह रहे थे। पुलिस इन सबकी जाँच कर रही है। गिरफ्तार किए गए के नाम- 26 वर्षीय एस मोनिरा, 24 वर्षीय जे मेगामुथा, 33 वर्षीय एस शेखली, 26 वर्षीय बी जाहिद मिया, 35 वर्षीय एम अनारुल इस्लाम, 40 वर्षीय एम मोनिरुल खाजी और 45 वर्षीय एन मेटून हैं।

पुलिस ने बताया, “पेरुंदुरई में SIPCOT कॉम्प्लेक्स में कई उत्तर भारतीय मजदूर काम कर रहे हैं। पेरुंदुरई पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि इनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं और वे बिना उचित दस्तावेजों के यहाँ रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। मंगलवार (18 जून 2024) को हमने पणिक्कम्पलायम इलाके में जाँच की, जहाँ कई उत्तर भारतीय मजदूर रहते हैं।”

पुलिस ने आगे बताया, “प्रारंभिक जाँच के आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं समेत 13 लोगों को उचित दस्तावेजों के बिना क्षेत्र में रहने के संदेह में हिरासत में लिया। इसके बाद सभी को पुलिस स्टेशन लाया गया। जाँच में पुष्टि हुई कि मोनिरा और मेगामुथा समेत सात लोग उचित दस्तावेजों के बिना भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। जाँच के बाद बुधवार को सभी सातों को गिरफ्तार कर लिया गया।”

तमिलनाडु पुलिस ने यह भी बताया कि इन 13 लोगों में 6 लोगों ने कहा कि उनके पास रहने और काम करने के लिए उचित दस्तावेज हैं। उन्होंने दस्तावेज जमा करने के लिए थोड़ा समय माँगा है। पुलिस का कहना है कि अगर वे दस्तावेज जमा नहीं करते हैं तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, कुछ बांग्लादेशियों के पास भारत का आधार कार्ड भी मिला है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “गिरफ्तार किए गए लोग पेरुंदुरई में एक निजी कंपनी में काम कर रहे थे। उनके पास पासपोर्ट, वीजा आदि जैसे आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। इस कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया है। ये लोग दिहाड़ी मजदूरी करते थे। कुछ के पास भारत द्वारा जारी आधार कार्ड भी मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया। आगे की जाँच जारी है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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