Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाबांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही ममता सरकार, TMC कैडर...

बांग्लादेश बॉर्डर पर बाड़बंदी के लिए जमीन नहीं दे रही ममता सरकार, TMC कैडर करते हैं हुड़दंग: संसद में बोले अमित शाह, कहा- ज्यादातर घुसपैठियों के पास होता है बंगाल का आधार-वोटर कार्ड

गृह मंत्री ने कहा कि अगर ममता बनर्जी जमीन दे दें तो यह सीमा बंद हो जाएगी। गृह मंत्री ने घुसपैठियों को मदद देने का आरोप भी बंगाल सरकार के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, "बांग्लादेशी या रोहिंग्या जब घुसपैठ करते हैं, तो इन्हें आधार कार्ड कौन देता है?"

पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के गुंडे बांग्लादेश सीमा बंद करने में अड़चन डाल रहे हैं। वह सीमा पर तार लगाने गए सुरक्षाबलों के साथ बदतमीजी करते हैं। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली सरकार भी इन्हीं गुंडों के पक्ष में है। वह भी बांग्लादेश की सीमा पर तार लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है। यह सारी बातें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में बताई हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार (27 मार्च, 2025) को लोकसभा में आव्रजन एवं प्रवासी विधेयक पर बोलते हुए बांग्लादेश सीमा को लेकर समस्याएँ बताईं। गृह मंत्री शाह ने विधेयक पर चर्चा के दौरान बताया कि बांग्लादेश सीमा पर सेना और BSF क्या कर रही है।

उन्होंने कहा, “हमारी बांग्लादेश से सटी हुई सीमा 2216 किलोमीटर है। इसमें से 1653 किलोमीटर बाड़ बन चुका है, इनके पास की रोड बन चुकी है, बाड़ के पास की चौकियाँ भी बन चुकी हैं। शेष 563 KM में से 112 KM पर भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फेंसिंग व्यावहारिक नहीं है।”

गृह मंत्री शाह ने आगे बताया, “इस इलाके में नाले हैं, नदियाँ हैं, इसलिए फेंसिंग नहीं हो सकती। अब मैं बताता हूँ कि 450 किलोमीटर क्यों बाक़ी है। मैंने बंगाल सरकार को 10 बार लिखा है लेकिन सरकार जमीन नहीं दे रही फेंसिंग के लिए।”

उन्होंने आगे बताया, “450 किलोमीटर के लिए गृह सचिव ने बंगाल के सचिव के साथ 7 बार बैठक की है लेकिन जमीन नहीं दे रहे हैं। जहाँ फेंसिंग लगाने जाते हैं वहाँ सत्ताधारी पार्टी का कैडर आकर बवाल करता है, धार्मिक नारे लगाता है। 450 किलोमीटर की बाड़ बंदी बंगाल सरकार के चलते नहीं हो रही।”

गृह मंत्री ने कहा कि अगर ममता बनर्जी जमीन दे दें तो यह सीमा बंद हो जाएगी। गृह मंत्री ने घुसपैठियों को मदद देने का आरोप भी बंगाल सरकार के ऊपर लगाया। उन्होंने कहा, “बांग्लादेशी या रोहिंग्या जब घुसपैठ करते हैं, तो इन्हें आधार कार्ड कौन देता है? जितने भी बांग्लादेशी पकड़े गए हैं, उनमे से अधिकांश के पास 24 परगना का आधार कार्ड और वोटर कार्ड पाया गया।”

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर बंगाल सरकार आधार कार्ड जारी न करे, तो कोई भी घुसपैठिया भारत में नहीं घुस सकता। गौरतलब है कि इससे पहले भी पश्चिम बंगाल सरकार पर घुसपैठियों के मामले में वोटबैंक के चलते नरमी बरतने के आरोप लगते आए हैं।

जिस विधेयक पर गृह मंत्री अमित शाह बोल रहे थे, वह लोकसभा से गुरुवार को पास हो गया। यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाना है। इस विधेयक के पास होने के बाद अवैध घुसपैठियों पर नकेल कसी जा सकेगी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -