Homeराजनीतिराजनीतिक गहमागहमी के बीच जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियॉं शुरू, 14 महीने में पूरा...

राजनीतिक गहमागहमी के बीच जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियॉं शुरू, 14 महीने में पूरा होगा परिसीमन

घाटी के 69 और जम्मू क्षेत्र के 81 थाना क्षेत्रों में दिन की पाबंदियॉं हटा दी गई है। 1500 प्राथमिक और 1000 माध्यमिक स्कूल खुल गए हैं। शिक्षा विभाग शैक्षणिक गतिविधि पूरी तरह बहाल करने को लेकर प्रयास कर रहा है।

आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद से जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियॉं शुरू हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव (योजना आयोग) रोहित कंसल ने शनिवार को बताया कि ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव को लेकर अहम फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पंचायती राज्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह अगला कदम होगा।

राज्य के ग्रामीण विकास विभाग की सचिव शीतल नंदा ने बताया कि पूरे राज्य के 316 ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल के चुनाव होंगे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किए जाने के कुछ दिनों बाद, चुनाव आयोग परिसीमन का काम पूरा करने को तैयार है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि परिसीमन पूरा होने में करीब 14 महीने लगेंगे। पूरी प्रक्रिया नौ से 10 चरणों में पूरी होगी।

राज्य में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होते जा रहे हैं। कंसल ने बताया कि घाटी के 69 थाना क्षेत्रों में अब दिन में पाबंदियों को हटा लिया गया है। जम्मू क्षेत्र में 81 थाना क्षेत्रों में दिन में पाबंदियॉं हटाई गई हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में 1500 प्राथमिक और 1000 माध्यमिक स्कूल खुल गए हैं। हालॉंकि छात्रों की उपस्थिति फिलहाल कम है। शिक्षा विभाग शैक्षणिक गतिविधि पूरी तरह बहाल करने को लेकर प्रयास कर रहा है।

कंसल के मुताबिक 17 अगस्त के बाद छिटपुट विरोध की घटनाओं में भी कमी देखी गई है। हालॉंकि सीमा पार से आंतकी खतरे की आशंका बनी हुई है जिसके कारण सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।


Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

गुजरात के अमरेली में युवक को मारने वाले चार शेरों को उम्रकैद: जानिए कैसे किसी शेर को घोषित किया जाता है ‘आदमखोर’ और क्या...

गुजरात के अमरेली की घटना से समझें कैसे किसी शेर को 'आदमखोर' घोषित किया जाता है और क्यों कई बार उसे हमेशा के लिए जंगल से हटाया जाता है।

पहलगाम आतंकी हमले पर UN रैपोर्टियर बेन सॉल ने दिए थे भारत विरोधी बयान, ऑपइंडिया ने उसी समय उठाए थे सवाल: जाँच में चीन...

UN वॉच की रिपोर्ट में बेन सॉल पर चीन से फंडिंग लेने और भारत के आतंकवाद-रोधी अभियानों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण रुख अपनाने के आरोप लगे।
- विज्ञापन -