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3 तलाक, हलाला का आश्वासन और हत्या: अब्बास के अवैध संबंधों के कारण आरिफा के 2 बच्चे हुए अनाथ

"मैंने अपनी बेटी आरिफा का निकाह 2011 में रीति-रिवाजों के साथ पलासली निवासी अब्बास के साथ किया था। आरिफा के 2 बच्चे भी हैं। लेकिन 2 साल पहले अब्बास ने मेरी बेटी से दूरी बना ली क्योंकि..."

राजस्थान के अलवर जिले से एक साथ तीन तलाक, हलाला और हत्या का मामला सामने आया है। यहाँ तिजारा क्षेत्र के गाँव पलासली में एक मुस्लिम व्यक्ति ने अवैध संबंधों के चलते अपनी पत्नी को तीन तलाक देकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद मृतका के पिता ने अपने दामाद सहित अन्य ससुराल वालों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया है।

जागरण में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

जानकारी के मुताबिक डीडारा गाँव के रहने वाले उमरदीन ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया है कि उनकी पुत्री का निकाह 2011 में रीति-रिवाजों के साथ पलासली निवासी अब्बास के साथ किया गया था। आरिफा के 2 बच्चे भी हैं। लेकिन 2 साल पहले अब्बास ने उनकी पुत्री से दूरी बना ली, जिसके कारण उनके बीच अच्छे संबंध भी नहीं थे।

एफआईआर में उमरदीन ने अपने दामाद अब्बास पर आरोप लगाया है कि उसके किसी और से अवैध संबंध थे, जिसके बारे में अब्बास के पिता ईसब, माँ सुफेदी और चाचा दीनू को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उस दौरान उन लोगों ने अब्बास से बात करने का विश्वास दिलाकर मामले को शांत कर दिया, और फिर डेढ़ साल पहले पूरे परिवार की मिलीभगत से आरिफा को उसके पति ने तलाक दे दिया।

जब मामले ने तूल पकड़ा तो पंचायत में अब्बास के परिजनों ने आरिफा के घरवालों को आश्वासन दिया कि वह आरिफा का हलाला करवाकर 4 महीने बाद दोबारा अब्बास से उसका निकाह करवा देंगे। जिसके चलते वह अपने मायके ही रह रही थी, लेकिन जब 2 दिन पहले वह अपने ससुराल आई तो उसकी मौत हो गई।

पुलिस के मुताबिक अब्बास ने 7 जुलाई की सुबह 7 बजे अपने पुत्र फतेह मोहम्मद को कॉल की और कहा कि आरिफा की हालत खराब है, ‘तुम लोग आ जाओ।’ जिसके बाद आरिफा के घर वाले जब कर उसके ससुराल पहुँचे तो वहाँ उसे मृत पाया। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और उसके शरीर से खून निकल रहा था।

दर्ज की गई शिकायत में आरिफा के ससुराल वालों पर उससे मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने अब्बास, उसके पिता ईसब, माँ सुफेदी के अलावा दीनू और अफसाना के खिलाफ़ धारा 143, 302 में मामला दर्ज किया है। साथ ही शव का पोस्टमॉर्टम कराके परिजनों को सौंप दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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