Homeदेश-समाजनाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप लगाने पर सफ़ायत हुसैन ने गंगाराम को पीटकर...

नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप लगाने पर सफ़ायत हुसैन ने गंगाराम को पीटकर मार डाला

पोस्टमार्टम के बाद, गंगाराम के नाराज़ रिश्तेदारों ने उनके शरीर को सड़क पर रख दिया, यातायात अवरुद्ध कर दिया और पुलिस की लापरवाही के ख़िलाफ़ नारे लगाए। हिंदू रक्षा दल के सदस्य भी पुलिस के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

उत्तर प्रदेश के दिलारी में बुधवार, 19 जून को एक 54 वर्षीय व्यक्ति गंगाराम की मुस्लिम भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, क्योंकि उसने अपनी बेटी के अपहरण की शिक़ायत पुलिस से की थी।

अमर उजाला की ख़बर के अनुसार, पीपली उमरपुर के गंगाराम ने अपनी बेटी के अपहरण का आरोप दूसरे समुदाय के पड़ोसी के बेटे पर लगाया था। हालाँकि, बाद में पता चला कि नदीम नाम के एक अन्य व्यक्ति द्वारा नाबालिग लड़की का अपहरण किया गया था। लड़की को ढूँढ लिया गया है और रिश्तेदारों द्वारा विरोध प्रदर्शन करने, सड़क पर जाम लगाने के बाद नदीम को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

दरअसल, गंगाराम की 15 वर्षीय बेटी लगभग तीन दिन पहले लापता हो गई थी। शिक़ायत दर्ज होने के बाद, पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की जिसके बाद एसएसपी ने लापरवाही के लिए थानाध्यक्ष दीपक कुमार को निलंबित कर दिया था।

ख़बर के अनुसार, गंगाराम ने पुलिस में शिकायत की थी कि उनके पड़ोसी सफ़ायत हुसैन के बेटे दानिश ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया था। शिक़ायत के बारे में सुनकर दानिश के कई रिश्तेदार गंगाराम के घर गए और कथित तौर पर उसके परिवार पर लाठियाँ बरसाई जिसमें गंगाराम बुरी तरह घायल हो गए। उनके परिजन उन्हें नज़दीकी अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अगले दिन, पोस्टमार्टम के बाद, गंगाराम के नाराज़ रिश्तेदारों ने उनके शरीर को सड़क पर रख दिया, यातायात अवरुद्ध कर दिया और पुलिस की लापरवाही के ख़िलाफ़ नारे लगाए। हिंदू रक्षा दल के सदस्य भी पुलिस के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे। पुलिस द्वारा सफ़ायत हुसैन, दानिश, छोटू, अकरम और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ़्तार किए जाने के बाद ही इस विरोध प्रदर्शन पर अंकुश लगा। ख़बर में इस बात का उल्लेख भी किया गया कि गंगाराम की पत्नी और बेटे को भी गंभीर चोटें आई हैं।

कुछ मीडिया ख़बरों में यह दावा किया गया कि गंगाराम पर हमला कर मार दिया गया क्योंकि उन्होंने अपनी बेटी को मुस्लिम पड़ोसी से मिलने-जुलने पर आपत्ति जताई थी। जैसा कि अमर उजाला की ख़बर में स्पष्ट किया गया कि पुलिस ने दावा किया है कि लड़की का अपहरण नदीम नामक एक अन्य व्यक्ति ने किया था जो अब पुलिस की हिरासत में है। इस घटना के बाद इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच तनाव का माहौल है। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील मुद्दे पर संज्ञान लेते हुए, गाँव में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

2024 के एंटी पेपर लीक कानून से कितना अलग है नया संशोधन विधेयक 2026? जानिए सजा, जुर्माना, जाँच से लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट तक...

जानिए 2024 और 2026 के एंटी पेपर लीक कानून की तुलना में क्या-क्या बदला। सजा, जुर्माना, जाँच, फास्ट ट्रैक कोर्ट और NTA में क्या बदलाव हुए।

लाला जगत नारायण से लेकर ML मनचंदा तक: खाालिस्तानी आतंकवादियों का निशाना बने पत्रकारों की कहानी

खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर सिर्फ हिंदू पत्रकार ही नहीं थे। अलगाववाद को खारिज करने वाले सिख पत्रकारों को भी गद्दार बताकर मारा गया।
- विज्ञापन -