Homeसोशल ट्रेंडबकरीद पर 1 ऑटो से निकले 27 'नमाजी': सफेद-हरी टोपी में थे मर्द, साथ...

बकरीद पर 1 ऑटो से निकले 27 ‘नमाजी’: सफेद-हरी टोपी में थे मर्द, साथ में छोटी-छोटी बच्चियाँ भी; गिनते-गिनते UP पुलिस का सर चकराया

पुलिस ने ऑटो में बैठे लोगों की गिनती के बाद ऑटो को सीज कर लिया है। ड्राइवर पर आरोप है कि उसने पुलिस के रोके जाने के बाद भी अपना ऑटो नहीं रोका था, इसलिए पुलिस को उसे पीछे दौड़ कर पकड़ना पड़ा।

बकरीद के मौके पर उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से एक हैरान करने वाली वीडियो सामने आई है। ये वीडियो एक ऑटो की है जिसमें नमाज पढ़कर लौटते लोग बैठे थे। वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस एक एक करके सबको उतार रही है और ये देखकर हैरान है कि जिस ऑटो में अधिकतम 4 लोगों के बैठने की जगह मुश्किल से होती है उसमें 27 लोग बैठे हैं।

वीडियो में पुलिस को इन सभी लोगों को ऑटो से उतारकर इनकी गिनती करते देखा जा सकता है। धीरे-धीरे यह गिनती 27 पहुँच जाती है। इसमें ज्यादातर बच्चे शामिल होते हैं। पुलिस सबको एक लाइन में खड़ा करती है। फिर एक आदमी सफाई देने आगे आता है। मगर पुलिसकर्मी उसे फटकार के पीछे भेज देता है।

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यूपी पुलिस ने इस ऑटो को बिंदकी कोतवाली के ललौली चौराहे पर पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि ये सभी लोग महरहा गाँव के हैं जो बकरीद की नमाज पढ़कर लौट रहे थे लेकिन पुलिस ने इन्हें बीच में रोक लिया और इनकी गिनती करते हुए वह हैरान रह गए।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑटो पर नजर ओवरस्पीडिंग करने के कारण गई। जब रोका और सबको उतरने को कहा तो लोग यकीन नहीं कर पाए कि एक ऑटो में इतने लोग कैसे भरे जा सकते हैं। ड्राइवर मिलाकर 27 लोग इस ऑटो में थे। इनमें ज्यादातर पुरुष थे। किसी ने कुर्ता पहना था तो किसी ने सफेद और हरी टोपी। अंदर छोटी-छोटी लड़कियाँ भी थीं।

पुलिस ने इनकी गिनती के बाद ऑटो को सीज कर लिया है। ड्राइवर पर आरोप है कि उसने पुलिस के रोके जाने के बाद भी अपना ऑटो नहीं रोका था, इसलिए पुलिस को उसे पीछे दौड़ कर पकड़ना पड़ा।

लोग इस वीडियो को देख अनुमान लगा रहे हैं कि 27 लोगों को आखिर किस हिसाब से अडजस्ट किया गया होगा। कोई इसे देख देश की जनसंख्या पर सवाल खड़े कर रहा है तो कोई कह रहा है कि इस तरह जनसंख्या बढ़ती रही तो ऑटो में ही नहीं ऑटो की छतों पर भी लोग बैठाए जाने लगेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -