Homeसोशल ट्रेंडमिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

मिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

कल्ट फिल्म गुंडा के अलावा मिथुन दा के अन्य फिल्मों के डायलॉग ने भी इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बना दिया। सोशल मीडिया पर...

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने रविवार (मार्च 7, 2021) को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। मिथुन चक्रवर्ती के बीजेपी ज्वाइन करते ही ट्विटर पर मीम्स की बाढ़ आ गई।

लेखर अर्नब रे ने ट्विटर पर मिथुन चक्रवर्ती की कल्ट फिल्म ‘गुंडा’ का एक डायलॉग शेयर किया। बता दें कि अर्नब रे का 2000 के दशक में मिथुन फैनब्वॉय के रूप में ब्लॉग करने को लेकर एक अलग फैन बेस था।

गुंडा फिल्म के सभी डायलॉग अपने आप में कल्ट हैं। इस फिल्म के फैन बेस का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि यह सबसे लंबे समय के लिए IMDb पर शीर्ष-रेटेड फिल्म में से एक थी।

गुंडा के अलावा मिथुन दा के अन्य फिल्मों के डायलॉग ने भी इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बना दिया।

कुछ ने यह भी अनुमान लगाया कि पूर्व क्रिकेटर सौरव गाँगुली भी चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

उनकी फिल्म के लीजेंड्री फाइट सीन भी सोशल मीडिया ट्विटर पर वायरल हो रहा है।

उनकी एक अन्य लोकप्रिय फिल्म ‘हिटलर’ रही है। नेटिजन्स ने इस तरफ इशारा किया कि अब ‘लिबरल’ यह बताने की कोशिश करेंगे कि वह ‘फासिस्ट’ हैं।

ऑपइंडिया के CEO ने भी इस दौरान अपनी पुस्तक का जिक्र करते हुए मिथुन दा को याद किया। जब इस दावे का फैक्ट-चेक किया गया तो पाया गया कि सही में ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’ नामक पुस्तक मिथुन दा की फिल्म के एक गीत से शुरू होती है। आप यहाँ अपनी कॉपी खरीद सकते हैं। और नीचे कल्ट फिल्म गुंडा देख सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -