Homeसोशल ट्रेंडVIDEO: जब पाकिस्तानी एंकर ने Apple कंपनी को समझ लिया सेब, सोशल मीडिया पर...

VIDEO: जब पाकिस्तानी एंकर ने Apple कंपनी को समझ लिया सेब, सोशल मीडिया पर हुई ट्रोल, खूब उड़ा मजाक

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान पैनलिस्ट एंकर को बताते हैं कि अमेरिकी मल्टीनैशनल कंपनी ऐपल के कारोबार की बात करें, तो वह......

पाकिस्तानी न्यूज चैनल की एक महिला एंकर लाइव शो के दौरान एक ऐसी गलती कर बैठी, जिससे वो ट्विटर पर ट्रोल हो गई। दरअसल, यह महिला एंकर शो के दौरान कन्फ्यूज हो गई और Apple कंपनी को सेब (फल) समझ बैठी। इसके बाद इस प्रोग्राम का ये फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और एंकर का सोशल मीडिया पर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। लोग इस पर तरह-तरह की मीम्स बनाकर एंकर और पाकिस्तान की खिंचाई कर रहे हैं।

बता दें कि, न्यूज चैनल पर बिजनस से जुड़ा कार्यक्रम चल रहा था। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान पैनलिस्ट एंकर को बताते हैं कि अमेरिकी मल्टीनैशनल कंपनी ऐपल के कारोबार की बात करें, तो वह पाकिस्तान के पूरे बजट से कहीं ज्यादा है। इसी बीच एंकर उन्हें टोकते हुए कहती हैं, “हाँ, मैंने भी सुना है कि सेब की कई किस्में होती हैं और अच्छा कारोबार कर रही हैं।” एंकर की इस बात से पैनलिस्ट हैरान रह जाते हैं और वो उन्हें करेक्ट करते हुए कहते हैं कि वो एप्पल मोबाइल कंपनी के बारे में बात कर रहे हैं, न कि खाने वाले फल सेब के बारे में। ये सुनते ही एंकर की शक्ल उतर गई और वो बेहद शर्मिंदा हो गईं।

पाकिस्तान की एक पत्रकार नायला इनायत ने अपने ट्विटर हैंडल से इस कार्यक्रम का एक वीडियो क्लिप शेयर किया। ट्विटर पर यह वीडियो शेयर होते ही यूजर्स ने इसे हाथों हाथ लिया और जमकर मजाक उड़ाया। लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि कहा कि ये न्यूज चैनल है या कॉमेडी शो। एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि इसलिए कहते हैं रोजाना एक सेब आपको डॉक्टर से दूर रखता है, लेकिन ये नहीं कहा कि सेब आपको मनोचिकित्सक से भी दूर रखता है। वहीं, सिद्धार्थ नाम के यूजर ने लिखा कि उस आदमी को सलाम जो महिला एंकर की सेब वाली बात सुनकर भी धैर्य के साथ कुर्सी पर बैठा रहा और हँसा नहीं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -