एक तरफ कॉन्ग्रेस की छात्र ईकाई इस अभियान को शुरू करके आरएएस पर हमला बोल रही है और ये जता रही है कि एक रुपया व एक करोड़ दोनों बराबर हैं। वहीं पार्टी के दिग्गज नेताओं ने इस अभियान पर आपत्ति जताई है।
राम मंदिर की अहमियत नए मंदिर से नहीं, बल्कि पाँच सौ साल पहले टूटे मंदिर से समझिए, जब हमारे पूर्वज ग्लानि से डूबे होंगे। आपका सहयोग, उनको तर्पण देने जैसा है।
अब जबकि राम मंदिर निर्माण के पूरा होने की तिथि सामने आ गई है तो उन्हीं भाजपा विरोधियों की साँस अटकने लगी है। विपक्षी दल यह मानकर बैठे हैं कि भाजपा मंदिर निर्माण 2024 के ठीक पहले पूरा करवाकर इसे आगामी लोकसभा चुनाव में मुद्दा बनाएगी।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी भी भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए समर्पण निधि देंगे। श्रीराम जन्मभूमि समर्पण निधि अभियान पर इकबाल अंसारी ने कहा कि बात राम मंदिर की है।