मेरठ के एक मरदसे में पढ़ाने वाले मौलाना द्वारा 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शोर मचाने पर छात्रों ने उक्त मौलाना को दबोच भी लिया था लेकिन अँधेरे का फायदा उठा कर वह वहाँ से भागने में कामयाब रहा। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
प्रशांत कनौजिया का दलितों और हिंदू संतों पर अभद्र टिप्पणी करने का इतिहास रहा है। कनौजिया दलितों को 'बिना दिमाग वाला जानवर' भी कहा था और साथ ही हिंदू धर्म का भी मजाक उड़ाते हुए इसे "बेकार धर्म" कहा था।
यह कैसी विडंबना है कि एक ओर मीडिया मोदी-राज, योगी-राज, भाजपा-राज को हिन्दुओं की गुंडागर्दी का पर्याय बता रहा है, दूसरी ओर हिन्दू बता रहे हैं कि उन्हें थाने से भगाने को उत्सुक पुलिस 'मोहम्मडन लेडीज़' की आवभगत में लग गई?
टप्पल में बच्ची के परिवार से मिलने के लिए डीएम भी पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। साथ ही बाल आयोग की टीम भी मौके पर पहुँची।
सूचना मिलने पर सीओ प्रथम कुलदीप कुमार, सीओ प्रीतम पाल सिंह और इंस्पेक्टर कोतवाली पहुँच गए। उन्होंने नमाजियों को समझाया कि मस्जिद के अंदर और बाहर नमाज पढ़ो लेकिन सड़क मत घेरो। ट्रैफिक चलता रहना चाहिए।
पुलिस अधिकारियों द्वारा बरती गई लापरवाही पर डीजी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस के बयानों को अंतिम सत्य के रूप में नहीं लिया जा सकता है, ख़ासकर तब जब साइंटिफ़िक सबूत कुछ और ही हक़ीकत बयाँ करते हों।
"अभी भी जो प्रदेश सरकार के कर्मचारी हैं वो महीने, दो महीने में ठीक नहीं होते और हमारे कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करते तो मैं कहता हूँ कि अपना जूता उतारिए और मारिए, क्योंकि एक सीमा होती है बर्दाश्त करने की। ये सपा-बसपा मानसिकता के अधिकारी हैं।"
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के ईदगाह में आज ईद उल फितर पर हजारों लोगों ने ईद की नमाज अदा की। तिरंगा के साथ बीजेपी का झंडा भी फहरा दिया गया। ये प्रतीक रूप में ही सही लेकिन इसमें भाजपा के नाम पर मुस्लिमों को डराने वालों के लिए एक बड़ी नसीहत भी छुपी है।
"प्रियंका गाँधी ने अपना काम किया। लेकिन, पार्टी कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं, प्रत्याशियों और संगठन उनसे चुनावी लाभ नहीं ले सके। राहुल जी ने इस चुनाव के लिए बहुत कड़ी मेहनत की और प्रियंका जी ने भी उसी दमखम के साथ उनसे ताल से ताल मिलाईं।"