कर्नाटक में भाजपा को 6 सीटें चाहिए थीं लेकिन पार्टी 12 जीत रही है। शाह शायद अब डबल का आँकड़ा लेकर चल रहे हैं। डीके शिवकुमार नए 'चाणक्य' बनते-बनते रह गए। कुमारस्वामी और देवगौड़ा तो रो कर दर्द कम कर लेंगे, मुंबई की तिकड़ी का क्या होगा अब? मोदी ने जवाब दे दिया है।
"रात के 10 बजे से सुबह 6 बजे तक महिलाएँ किसी भी पुलिस स्टेशन या टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकती हैं। पुलिस उन्हें पिक कर लेगी और उन्हें उनके निर्धारित स्थानों तक सुरक्षित पहुँचाएगी।"
कुछ लोग इस मत के हैं कि टीपू के शासन की असलियतें जैसे हिन्दुओं को हाथियों के पैरों से बाँध कर मारना आदि, पाठ्यक्रम में शामिल कर इस्लामी शासन की पोल खोली जाए।
सुबह 5.45 से 6.15 के बीच क्या-क्या हुआ, पुलिस ने दी हर डिटेल की जानकारी। आरोपितों ने पुलिस पर चलाई गोली। डंडे और पत्थर से भी किया हमला। कहा- मानवाधिकार आयोग को जवाब देने के लिए हैं तैयार।
एक शिक़ायत पर कार्रवाई करते हुए, निचली अदालत ने पुलिस को कर्नाटक के पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी और सिद्धारमैया के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।
हमले में कॉन्ग्रेस विधायक बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। चोट गहरी होने के कारण उनकी हालत गंभीर है। हमले की वजह फिलहाल पता नहीं चल पाई है।
2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव लड़ते वक़्त सुरेश ने अपनी संपत्ति का हलफनामा दिया। अब 18 महीने बाद उप-चुनाव में उतरी उनकी पत्नी पद्मावती ने भी अपनी संपत्ति की पूरी जानकारी दी। इन 18 महीनों में करीब 8 करोड़ रुपए...
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक स्पीकर रमेश कुमार के उस आदेश को जायज़ ठहराया है, जिसमें इन 17 विधायकों को निलंबित करने का आदेश दिया गया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी विधायकों के आगामी उप-चुनाव लड़ने के लिए योग्य करार देकर उन्हें राहत प्रदान की है।
चारों मुख्य पार्टियों भाजपा, कॉन्ग्रेस, एनसीपी और शिवसेना में सबसे कम यानी केवल 44 विधायक कॉन्ग्रेस के जीते हैं, और राज्यपाल के राष्ट्रपति शासन से पहले की मीटिंग में न बुलाने पर बिफ़र ऐसे रहे हैं मानो बैठक में होते तो दावा सीएम की दावेदारी का पेश कर देते!
इस बेंच का नेतृत्व और कोई नहीं, खुद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए एस ओका कर रहे थे। इसी बेंच ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या कारण है राज्य सरकार द्वारा पिछले चार साल से किए जा रहे आयोजन को रोकने का।