"जय हिंद एक नारा था। इसका इस्तेमाल आजाद हिंद सरकार और आजाद हिंद फौज में किया गया था। यह सभी धर्मों, सभी समुदायों, सभी जाति और पंथों को एक करता है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों को 'जय हिंद' का उपयोग करना चाहिए।"
“मंत्री जी ने मुझे डाँटा और जेल में बंद करने को कहा। वो सरकार का हिस्सा हैं, उनसे उम्मीद है कि वो हमारी चिंताओं और मुद्दों को सुनें। मैं किसान कॉन्ग्रेस का राज्य महासचिव हूँ, इसके बाद भी वो मेरे साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं।”
अरविन्द केजरीवाल ने लोगों को मुफ्त बिजली और पानी देने के बहाने साफ़ पानी, बिजली की निरंतरता, सस्ता इलाज और अच्छी शिक्षा जैसे कई अन्य बुनियादी जरूरतों की ओर ध्यान ही नहीं जाने दिया है। वहीं भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने के एक मौके के इन्तजार में है।
“प्रदर्शनकारियों द्वारा हमला किए जाने के बाद दोनों अधिकारी खुद का बचाव कर रहे थे। महिलाओं को अपमानित करना भाजपा और आरएसएस की संस्कृति है। सरकार दोनों अधिकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करेगी।”
धोखाधड़ी के इस मामले की सबसे पहली रिपोर्टिंग ऑपइंडिया ने अक्टूबर 2018 में की थी। सचिन उपाध्याय को उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जाँच कर रहे एक विशेष जाँच दल की रिपोर्ट के आधार उनके घर के बाहर से गिरफ्तार किया गया।
मामला 25 अगस्त 2015 का है। अहमदाबाद में एक रैली के दौरान भड़की हिंसा के बाद बसों, पुलिस चौकियों और अन्य सरकारी संपत्तियों को आग के हवाले कर दिया गया था। एक पुलिसकर्मी सहित करीब दर्जन भर लोग मारे गए थे।
विधायक मुन्नालाल गोयल का कहना है कि पार्टी जिन वादों के सहारे सत्ता में आई उसे पूरा करने के लिए वे कई बार सीएम और मंत्रियों को पत्र लिख चुके हैं। बावजूद इसके कुछ नहीं हुआ। मजबूरन, उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
गहलोत सरकार ने अब 100 हिंदू शरणार्थियों को रियायती दर पर जमीन देने का ऐलान किया है। इससे पहले उसने हिंदू शरणार्थियों को पाकिस्तान चले जाने को कहा था। हालॉंकि उसके इस आदेश पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रोक लगा दी थी।
जब कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी सहित राजीव गाँधी के परिवार ने दोषियों को 'माफ' कर दिया और कहा कि हत्यारों को रिहा करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, तो राजीव गाँधी के साथ मरने वालों के परिजन उनके इस कदम से खुश नहीं थे। राजीव गाँधी के साथ जान गँवाने वालों 13 लोगों के परिजनों की तरफ से सोनिया गाँधी या उनके बच्चे कैसे फैसला ले सकते हैं?
राजदीप ने गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान को CAA के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए अपने शो में आमंत्रित किया था। इस दौरान उन्होंने रबर स्टाम्प बता गवर्नर को नीचा दिखाने की कोशिश की। जवाब में खान ने उनकी भाषा को अभद्र बताते हुए क्लास लगाई।