हमें समझने की जरूरत है कि तथाकथित किसान संगठन कैसे अक्सर कृषि सुधारों के रास्ते और किसानों के विकास में बाधा बनते हैं। यही स्थिति तीनों कृषि कानूनों के समय भी देखी गई।
एक किसान तीन महीने की मेहनत के बाद 1262 किलो प्याज 25 बोरे में भरकर मंडी गया, लेकिन वहाँ उन्हें नुकसान हुआ। अब मीडिया इस कहानी को सुना रहा है लेकिन ये कृषि कानून पर कुछ नहीं बता रहा।