विमर्शों का कोई अंतिम या लिखित निष्कर्ष निकले यह आवश्यक नहीं पर विमर्श हो यह आवश्यक है क्योंकि वर्तमान काल भारतीय संवैधानिक लोकतंत्र की यात्रा के मूल्यांकन का काल है।
कॉन्ग्रेस विधायक अदिति सिंह समय-समय पर अपनी ही पार्टी के खिलाफ और नेताओं की कमियों पर खुलकर बोलती रही हैं। इस बार उन्होंने प्रियंका के बयान पर उनको घेरा है।