सिंधु के अनुसार उन्होंने कहा था कि एथलीट होने के नाते (ऐसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में) वह हिस्सा अवश्य लेना चाहतीं हैं, लेकिन साथ में यह भी जोड़ा था कि ऐसा देश की कीमत पर नहीं होगा। वह IOA और सरकार के हर फैसले के साथ हैं।
हिमा ने 2 जुलाई को पोजनान एथलेटिक्स ग्रांड प्रिक्स में 200 मीटर का रेस 23.65 सेकंड में जीतकर पहला गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद 7, 13 और 17 जुलाई को भी अलग-अलग स्पर्धाओं में गोल्ड हासिल किया।
महिलाओं की 200 मीटर रेस में हिमा ने चेक रिपब्लिक में चल रहे टबोर एथलेटिक्स मीट में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। 19 साल की हिमा दास ने यह दौड़ मात्र 23.25 सेकंड में पूरी कर ली।
23 साल की दूती मात्र 11.32 सेकंड में रेस पूरी कर पहले पायदान पर रहीं। स्विट्जरलैंड की डेल पोंटे 11.33 सेकंड के साथ दूसरे और जर्मनी के लीसा क्वायी 11.39 सेकंड के साथ कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
सौरभ ने अपनी पारी में आठ पुरुषों के फाइनल में अपनी पकड़ मज़बूत रखी और रजत पदकधारी से 5.7 अंक की बढ़त बनाए रखी। इस प्रकार सौरभ अंतिम शॉट से पहले ही गोल्ड मेडल अपने नाम करने में क़ामयाब रहे।