Monday, September 27, 2021

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ट्रिपल तलाक

ट्रिपल तलाक़ पर PM मोदी ने निभाया अपना वादा, मौलवियों ने कहा शरीयत में दखलअंदाज़ी

मेरा हक़ फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी का कहना कि वर्तमान सरकार ने ट्रिपल तलाक़ बिल को लाकर अपनी नीयत साफ़ कर दी है जिससे यह पता चलता है कि वो तीन तलाक़ पर रोक लगाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

हनुमान चालीसा पाठ में शामिल हुईं इशरत जहां: घर खाली करने और जान से मारने की मिली धमकी

“हर कोई कह रहा था कि मुझे खुद घर छोड़ देना चाहिए वर्ना वे मुझे घर से ज़बर्दस्ती बेदखल कर देंगे। मुझे जान से मारने की धमकियाँ भी मिल रही हैं। मैं सुरक्षा की माँग करती हूँ। मैं अपने बेटे के साथ अकेले रहती हूँ ऐसे में मेरे साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है।”

सरकार या संसद को नहीं है शरीयत में हस्तक्षेप का हक: मौलाना मदनी

मौलाना अरशद मदनी ने अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर मुस्लिम और दलित समुदाय पर हो रहे कथित हमलों पर कहा कि वर्तमान स्थिति विभाजन के समय से भी बद्तर और खतरनाक हो चुकी है और ये संविधान के वर्चस्व को चुनौती एवं न्याय व्यवस्था पर सवालिया निशान हैं।

निकाह-हलाला बलात्कार है, इसे भी करें बैन: दिल्ली महिला आयोग की PM मोदी से माँग

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्रिपल तलाक बिल के संसद से पास होने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि संसद निकाह-हलाला को भी बैन करें, यह अमानवीय और जघन्य हैं।

‘BJP ने कम से कम हिम्मत तो दिखाई’: ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं ने कहा

हालाँकि, इन दो महिलाओं के उलट मुस्लिम समुदाय की कई अन्य महिलाएँ ऐसी भी हैं, जिन्हें ट्रिपल तलाक या तलाक-ए-बिद्दत की प्रथा तक की भी जानकारी नहीं है। जब उन्होंने इन महिलाओं से इससे जुड़े सवालों पर जब बात की तो वो नजरें फेर लेती हैं या फिर बहस का टॉपिक बदल देती हैं।

सौतेली बेटी से किया निकाह, विरोध करने पर अपनी दूसरी पत्नी को दिया तुरंत तलाक

जसपुर की चाँद मस्जिद के इमाम शाकिर हुसैन का कहना है कि सौतेली बेटी से निकाह करना शरियत के हिसाब से हराम है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को ऐसे लोगों का बहिष्कार करना चाहिए।

‘हलाला’ और ‘हलाल’ में अधिक अंतर नहीं, क्योंकि तिल-तिल मरते जीवन का कोई अर्थ नहीं

प्रतीत होता है कि ऐसी विषम स्थितियों का सामना कर रही मुस्लिम सम्प्रदाय की महिलाएँ इन कुरीतियों को मानने के लिए लिए जैसे दिमागी तौर पर पहले से ही तैयार रहती हों। लगता है कि विरोध करने की ताक़त तो जैसे उनमें कभी पनपी ही न हो।

प्रिय मुस्लिम औरतो, आप हलाला, पोलिगेमी और तलाक़ के ही लायक हो! क्योंकि आप चुप हो!

घरवालों ने बेटे से कहा कि अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे। पति की शर्त आई कि पहले लड़की को उसके पिता के साथ हलाला करना होगा। हलाला यानी ससुर के साथ शारीरिक संबंध बनाना।

ट्रिपल तलाक़ बिल राज्यसभा में अटका, अब अपराध नहीं तीन तलाक़

अध्यादेश निरस्त हो जाने से ट्रिपल तलाक़ अपराध के दायरे से बाहर निकल आया है, साथ ही तलाक़शुदा महिलाओं के संरंक्षण की बात का भी अस्तित्व मिट गया है।

महागठबंधन का कोई भविष्य नहीं: नीतीश कुमार

सीएम नीतीश ने कहा तीन तलाक और राम मंदिर मुद्दों पर आपसी सहमति और कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए

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